आगरा एनकाउंटर: राज चौहान हत्याकांड का आरोपी अरबाज ढेर, पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश में हुई मुठभेड़

Sandesh Wahak Digital Desk: आगरा में पिछले हफ्ते हुए चर्चित राज चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद ढेर कर दिया है। गुरुवार तड़के हुई इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कैसे हुई मुठभेड़?

ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने अरबाज को राज चौहान की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। आज पुलिस टीम उसे टेढ़ी बगिया क्षेत्र में कांशीराम आवास के पास ले गई थी, ताकि हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा बरामद किया जा सके।

इसी दौरान अरबाज ने अचानक एक सब-इंस्पेक्टर की सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की।

पुलिस टीम पर फायरिंग, बाल-बाल बचे दो इंस्पेक्टर

अरबाज की ओर से की गई फायरिंग में सिपाही मनोज कुमार और सब-इंस्पेक्टर ऋषि गोली लगने से घायल हो गए। इस हमले के दौरान अरबाज की गोलियां थाना प्रभारी ट्रांस यमुना (हरेन्द्र गुर्जर) और कोतवाली प्रभारी (भानु प्रताप) की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी लगीं, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई।

पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अरबाज को दो गोलियां (एक छाती और एक पैर में) लगीं। उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया और फिर वहां से एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

क्या था मामला?

23 जनवरी 2026 की रात ट्रांस यमुना क्षेत्र में राज चौहान नामक युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस उपायुक्त (नगर) सैय्यद अली अब्बास ने आरोपियों की पकड़ के लिए 9 टीमें गठित की थीं। अरबाज का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है और वह इलाके का कुख्यात अपराधी माना जाता था।

मुठभेड़ में शामिल जांबाज टीम

इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी भानु प्रताप यादव, ट्रांस यमुना प्रभारी हरेन्द्र गुर्जर, छत्ता प्रभारी अंकित मलिक, और सब-इंस्पेक्टर फारूख व ऋषि शामिल रहे।

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