Agra News: ताजमहल के अंदर उर्स आयोजन को लेकर गरमाई सियासत
Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद में ताजमहल के अंदर प्रस्तावित शाहजहां उर्स आयोजन को लेकर सियासी और धार्मिक माहौल गरमा गया है। 15, 16 और 17 जनवरी 2026 को पुरातत्व विभाग एवं उर्स कमेटी द्वारा ताजमहल के अंदर आयोजन प्रस्तावित है। इसी आयोजन के विरोध में अखिल भारत हिंदू महासभा ने पुरातत्व विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
भगवान शिव के स्वरूप में उतरे कार्यकर्ता
अखिल भारत हिंदू महासभा ने ताजमहल के अंदर शाहजहां उर्स के आयोजन को लेकर सवाल खड़े किए और कहा कि ताजमहल के अंदर किसी भी प्रकार का धार्मिक आयोजन नहीं होना चाहिए। संगठन ने प्रदर्शन के माध्यम से अपनी बात रखते हुए पुरातत्व विभाग कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा और आयोजन को तत्काल रद्द करने की मांग उठाई।
उर्स आयोजन के विरोध में संगठन के कार्यकर्ता भगवान शिव के स्वरूप में सज्जित होकर पुरातत्व अधिकारी के सामने प्रदर्शन करते नजर आए। कार्यकर्ताओं ने तेजोमहालय के अंदर उर्स आयोजन न कराने की मांग दोहराई और लगातार यह कहा कि ताजमहल के अंदर किसी भी प्रकार का धार्मिक कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। भगवान शिव के स्वरूप में हुए इस प्रदर्शन ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया।

शिव तांडव की चेतावनी
अखिल भारत हिंदू महासभा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि तेजोमहालय के अंदर कव्वाली, बिरयानी, चादरपोशी या किसी भी प्रकार का धार्मिक कार्यक्रम हुआ तो भगवान शिव तांडव भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धतूरा चढ़ाया जाना चाहिए, बेलपत्र के पत्ते चढ़ने चाहिए और 21 ध्वज भी लगाए जाने चाहिए।
मीरा राठौर ने यह भी सवाल उठाया कि जब उर्स आयोजन को लेकर मामला आगरा न्यायालय में विचाराधीन है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं कि ताजमहल के अंदर किसी भी प्रकार का धार्मिक आयोजन नहीं हो सकता तो फिर किसके आदेश पर यह उर्स आयोजन कराया जा रहा है। इन्हीं सवालों को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए ज्ञापन सौंपा और ताजमहल के अंदर शाहजहां उर्स के आयोजन का विरोध दोहराया।
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