कृषि मंत्री का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- सपा राज में आत्महत्या करते थे किसान

यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अखिलेश पर साधा निशाना

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश को किसानों की समस्याओं पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि उनके शासनकाल में किसानों को न तो समय पर बुवाई का मौका मिलता था और न ही उनकी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जाता था। शाही ने कहा कि सपा की खराब नीतियों के कारण योगी सरकार को 86 लाख किसानों का ₹36,000 करोड़ का कर्ज माफ करना पड़ा।

कालाबाजारी पर सरकार की सख्ती

कृषि मंत्री ने साफ किया कि प्रदेश में खाद और यूरिया की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह किल्लत सिर्फ जमाखोरों, कालाबाजारी करने वालों और तस्करों की वजह से हो रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 1,196 खुदरा विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं, जबकि 93 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। सीतापुर, बलरामपुर और श्रावस्ती के जिला कृषि अधिकारियों को भी लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि सीमावर्ती जिलों में बिना जोत के यूरिया खरीदने वाले माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा।

किसानों के लिए सरकार के बड़े कदम

शाही ने बताया कि रबी 2025-26 के लिए सरकार ने 138.78 लाख हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल से 4 लाख हेक्टेयर अधिक है। किसानों को 10 लाख क्विंटल मुफ्त बीज और 12.80 लाख ‘मिनी किट’ भी दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार गन्ना किसानों को भी गन्ने के साथ दलहन और तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

खाद्य उत्पादन और अर्थव्यवस्था में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

कृषि मंत्री ने दावा किया कि योगी सरकार में समय पर खाद, बेहतर बीज और सिंचाई की सुविधा के कारण प्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन करीब 200 लाख मीट्रिक टन बढ़कर 737 लाख मीट्रिक टन हो गया है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है। कृषि क्षेत्र से जुड़ा जीएसवीए (GSVA) सपा सरकार के समय के ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर अब ₹7 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में, शाही ने दोहराया कि सरकार किसानों को किसी भी हाल में दिक्कत नहीं आने देगी और कालाबाजारी करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

प्रेस वार्ता के महत्वपूर्ण बिंदु

  • प्रदेश में खरीफ 2024 का रकबा बढ़कर 105.93 लाख हेक्टेयर पहुंचा।
  • 2013-14 में खरीफ का रकबा 90.46 लाख हेक्टेयर था।
  • अब तक खरीफ रकबे में 15.47 लाख हेक्टेयर यानी 17% की वृद्धि।
  • वर्ष 2015-16 में कुल खेती 225.87 लाख हेक्टेयर थी।
  • 2024-25 में खेती का कुल क्षेत्र बढ़कर 274.22 लाख हेक्टेयर हुआ।
  • प्रदेश में खेती का दायरा 28.35 लाख हेक्टेयर बढ़ा।
  • खरीफ 2016 में 23 लाख मी.टन यूरिया की खपत।
  • खरीफ 2024 में यूरिया खपत 39 लाख मी.टन पहुंची।
  • यानी 8 साल में 16 लाख मी.टन यूरिया खपत बढ़ी।
  • 19 अगस्त 2025 तक 32.07 लाख मी.टन यूरिया किसानों ने खरीदा।
  • खरीफ सीजन खत्म होने में अभी 1 माह 10 दिन बाकी।
  • 01 अप्रैल 2025 को राज्य में यूरिया की उपलब्धता 12.52 लाख मी.टन थी।
  • अब तक भारत सरकार से 25.45 लाख मी.टन यूरिया मंगाया गया।
  • कुल 37.97 लाख मी.टन यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित।
  • इसमें से किसानों ने 32.07 लाख मी.टन खरीद लिया।
  • गतवर्ष इसी अवधि में 27.86 लाख मी.टन यूरिया बिका था।
  • इस बार 4.21 लाख मी.टन ज्यादा यूरिया उपलब्ध कराया गया।
  • वर्तमान में 6 लाख मी.टन यूरिया किसानों के लिए स्टॉक में मौजूद।
  • अब तक 1.52 करोड़ किसानों ने POS मशीन से अंगूठा लगाकर यूरिया खरीदा।
  • महराजगंज में 186 लोगों ने 1–2.37 मी.टन तक यूरिया खरीदा।
  • कुछ लोगों ने 4 से 13 बार तक यूरिया खरीदा, जांच शुरू।
  • सिद्धार्थनगर में भी कई किसानों ने 20 बार तक यूरिया खरीदा, जांच जारी।
  • कालाबाजारी और होर्डिंग पर कठोर कार्रवाई होगी।
  • उर्वरक की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई।
  • किसानों का बोझ न बढ़े, इसके लिए केंद्र ने सब्सिडी बढ़ाई।
  • यूरिया का असली दाम 2174 रुपये प्रति बैग, किसानों को सिर्फ 266 रुपये में।
  • डीएपी किसानों को 1350 रुपये में उपलब्ध।
  • एनपीके का विक्रय मूल्य 1850 रुपये।
  • एमओपी किसानों को 1800 रुपये और एसएसपी 540 रुपये में मिल रहा।
  • इस समय प्रदेश में कुल 15.91 लाख मी.टन उर्वरक उपलब्ध।
  • इनमें यूरिया 5.90 लाख मी.टन, डीएपी 3.87 लाख मी.टन और एनपीके 3 लाख मी.टन।
  • एसएसपी 2.51 लाख मी.टन और एमओपी 0.63 लाख मी.टन उपलब्ध।
  • सहकारी क्षेत्र में 2.50 लाख मी.टन यूरिया और 1.94 लाख मी.टन डीएपी स्टॉक।
  • निजी क्षेत्र में 3.87 लाख मी.टन यूरिया और 1.93 लाख मी.टन डीएपी उपलब्ध।
  • 24 रैक यूरिया और 12 रैक डीएपी ट्रांजिट में।
  • अगले 3-4 दिनों में सभी रैक अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।
  • प्रदेश को प्रतिदिन 10–12 रैक यूरिया और 5–6 रैक डीएपी मिल रहा।
  • उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए 12,653 छापे मारे गए।
  • अब तक 3,385 उर्वरक के नमूने लिए गए।
  • 1,047 नोटिस जारी।
  • 571 फुटकर विक्रेता निलंबित और 1,196 निरस्त।
  • 13 थोक विक्रेता निलंबित और 4 निरस्त।
  • 93 एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई।
  • सरकार किसानों को समय से खाद उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध।
  • केंद्र और राज्य सरकार दोनों की सर्वोच्च प्राथमिकता किसान।

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