अहमदाबाद: पीएम मोदी और चांसलर मर्ज ने पतंग महोत्सव का किया शुभांरभ, 8 अरब डॉलर की डील पर निगाहें!

Sandesh Wahak Digital Desk: भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सोमवार को अहमदाबाद पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से चांसलर मर्ज का स्वागत किया, जिसके बाद दोनों नेताओं ने भारत की सांस्कृतिक विरासत से लेकर आधुनिक रक्षा समझौतों तक के सफर को साझा किया।

साबरमती से पतंग महोत्सव तक: एक सांस्कृतिक स्वागत

चांसलर मर्ज की यात्रा की शुरुआत ऐतिहासिक साबरमती आश्रम से हुई। 1917 में महात्मा गांधी द्वारा स्थापित यह आश्रम भारत के स्वतंत्रता संग्राम का हृदय रहा है। पीएम मोदी और चांसलर मर्ज ने बापू को पुष्पांजलि अर्पित की और आश्रम की सादगी व चरखे के महत्व को समझा। इसके बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन किया। आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों के बीच दोनों नेताओं की यह मुलाकात दोनों देशों के “ऊंचे उड़ते” रिश्तों का प्रतीक बनी।

8 अरब डॉलर की ‘सबमरीन डील’ पर लगेगी मुहर

इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव रक्षा क्षेत्र में होने वाला महा-समझौता है। भारत के प्रोजेक्ट-75I के तहत भारतीय नौसेना के लिए 6 अत्याधुनिक स्टेल्थ पनडुब्बियों के निर्माण पर चर्चा अंतिम चरण में है। भारतीय नौसेना ने जर्मनी की 2500 टन वजनी टाइप 214NG पनडुब्बी को चुना है, जो उन्नत ‘एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन’ (AIP) तकनीक से लैस है।

इस 8 अरब डॉलर (लगभग 65,000 करोड़ रुपये) के सौदे के तहत जर्मन कंपनी TKMS डिजाइन और इंजीनियरिंग प्रदान करेगी, जबकि भारत की मझगांव डॉक (MDL) इन पनडुब्बियों का स्वदेशी निर्माण करेगी। यह कदम रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता और हिंद महासागर में उसकी सुरक्षा क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

ग्रीन एनर्जी और भविष्य की साझेदारी

जर्मनी की सरकारी कंपनी ‘यूनिपर’ भारत के ‘ग्रीनको ग्रुप’ से सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन ग्रीन अमोनिया खरीदने की तैयारी में है। यह समझौता भारत को दुनिया के ग्रीन हाइड्रोजन हब के रूप में स्थापित करेगा।

जर्मनी वर्तमान में भारत में 9वां सबसे बड़ा निवेशक है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 51.23 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। चांसलर मर्ज के साथ आए 25 बड़ी कंपनियों के सीईओ (CEO) का प्रतिनिधिमंडल भारत में स्किल डेवलपमेंट, इनोवेशन और शिक्षा के क्षेत्र में निवेश की नई संभावनाएं तलाशेगा।

वैश्विक मंच पर साझा विजन

शाम को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में होने वाली प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में न केवल व्यापार, बल्कि वैश्विक मुद्दों पर भी मंथन होगा। यूक्रेन संकट और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर दोनों देशों के रुख का समन्वय भविष्य की वैश्विक राजनीति को प्रभावित करेगा। यह यात्रा भारत और जर्मनी के बीच ‘ग्रीन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट पार्टनरशिप’ को और अधिक मजबूती प्रदान करने वाली साबित होगी।

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