संचार साथी ऐप पर अखिलेश यादव का हमला, बोले- जिनका इतिहास मुखबिरी का, वो जासूसी कैसे छोड़ सकते हैं

Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार द्वारा नए मोबाइल फोन में ‘संचार साथी’ ऐप को प्री-इंस्टॉल करने के निर्देश पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सपा प्रमुख ने इस कदम को नागरिकों की निजता पर हमला बताते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बीजेपी जाए तो निजता बच पाए।

अखिलेश यादव ने बीजेपी के इतिहास पर सवाल उठाते हुए लिखा, जिनका इतिहास ही मुख़बिरी का रहा हो वो जासूसी करना कैसे छोड़ सकते हैं। भाजपा सरकार में अभिव्यक्ति की आज़ादी तो पहले ही छिनी जा रही थी अब घर-परिवार, नाते-रिश्तेदार, मित्रता-कारोबार की आपसी बातचीत पर भी भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की गिद्ध निगाह लग जाएगी। अब जनता ने फ़ैसला कर लिया है भाजपा सरकार नहीं चाहिए, तो नहीं चाहिए। भाजपा जाए तो निजता बच पाए!

इस बीच, केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संचार साथी ऐप विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि यह ऐप धोखाधड़ी (फ्रॉड) की सूचना देने वाला है और यूजर्स इसे रखने या हटाने का निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।

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