फतेहपुर में BLO की आत्महत्या पर भड़के अखिलेश यादव, बोले- भाजपा को लगेगा इस पाप का महापाप

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में कार्यरत बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की मानसिक स्थिति और उन पर बढ़ते प्रशासनिक दबाव को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अधिकारियों के जरिए कर्मचारियों पर ‘गलत काम’ करने का दबाव बना रही है, जिससे तंग आकर वे आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा रहे हैं।

फतेहपुर की घटना ने दहलाया दिल

अखिलेश यादव ने फतेहपुर जिले के बिंदकी क्षेत्र के ग्राम अलियाबाद की एक हृदय विदारक घटना का जिक्र किया। यहाँ शिक्षामित्र और बीएलओ के पद पर कार्यरत अखिलेश कुमार सविता ने शनिवार शाम स्कूल के कमरे में ही फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक ने सुसाइड नोट में ‘अत्यधिक कार्य दबाव’ और अधिकारियों द्वारा ‘बेटी की शादी के लिए छुट्टी न देने’ का जिक्र किया है।

सपा अध्यक्ष ने कहा, “बेटी की शादी की जिम्मेदारी का महत्व वही समझ सकते हैं जिनका अपना परिवार हो। भाजपा ने अधिकारियों को संवेदनहीन बना दिया है।”

“वोटर लिस्ट में धांधली का दबाव”

अखिलेश यादव ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले बीएलओ पर ‘फॉर्म-7’ के जरिए सही मतदाताओं के नाम कटवाने का दबाव था, और अब ‘फॉर्म-6’ के माध्यम से फर्जी नाम जोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईमानदार कर्मचारियों का मन यह गलत काम करने को गवाही नहीं देता, जिससे वे हताश हो रहे हैं।

सपा मुखिया ने प्रदेश के सभी बीएलओ से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनका जीवन उनके परिवार के लिए अनमोल है। उन्होंने कहा, “भाजपा जैसी नकारात्मक ताकतें अंतहीन नहीं हैं। इतिहास गवाह है कि जब निरंकुशता चरम पर होती है, तभी उसका पतन शुरू होता है।”

होली की शुभकामनाएं और ‘पीडीए’ का संकल्प

एक ओर जहां अखिलेश ने सरकार को घेरा, वहीं दूसरी ओर देशवासियों को होली की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का है। साथ ही उन्होंने जनता से आह्वान किया कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की एकजुटता के साथ सामाजिक न्याय की स्थापना का संकल्प लें।

मिडिल ईस्ट संकट पर सरकार से मांगा जवाब

अंतरराष्ट्रीय हालातों पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने ईरान-इजरायल तनाव और युद्ध में हो रही मौतों पर दुख जताया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि भारत सरकार इस अंतरराष्ट्रीय विषय पर अपना रुख साफ करे। सरकार बताए कि वह युद्ध के साथ है या अमन के साथ? युद्ध में मारे जाने वाले भारतीयों या अन्य खबरों की सत्यता की पुष्टि कर जनता के सामने सच रखे।

Also Read: कुपोषण के खिलाफ जीवनरक्षक ढाल बना योगी सरकार का ‘संभव अभियान’, लाखों नौनिहालों को मिला नया जीवन

Get real time updates directly on you device, subscribe now.