अखिलेश यादव ने जारी किया समाजवादी पार्टी का खास Calendar
Sandesh Wahak Digital Desk: सपा मुखिया अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी का 2026 का कैलेंडर (Calendar) जारी कर दिया है। इस कैलेंडर (Calendar) में कार्यकर्ताओं को हर महीने अलग-अलग टास्क दिए गए हैं। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह नया कैलेंडर दरअसल 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए एक ब्लूप्रिंट है। इसमें तकनीक और जमीन जीरो के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश साफ नजर आ रही है।
संवाद और डायरी रखने की सलाह
कैलेंडर के जनवरी पेज में अखिलेश यादव ने लिखा है कि संवाद के पुल को बहुत मजबूत करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं को छोटे-छोटे संवाद करने और डायरी रखने की सलाह दी है। डायरी में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों के सुझाव नोट करने को कहा गया है। अखिलेश का मानना है कि सक्रिय संवाद से ही जनता के विश्वास और पार्टी का आधार मजबूत होगा।
वहीं फरवरी महीने में कार्यकर्ताओं और नेताओं को सभी वोटरों खासतौर से पीडीए वोटरों के नाम चेक करने को कहा गया है। कैलेंडर (Calendar) में लिखा गया है कि एक भी वोट छूटा तो सुरक्षा चक्र टूटा। मार्च से दिसम्बर तक हर विधानसभा में एक हजार सक्रिय कार्यकर्ता और दस हजार हमदर्द साथियों को पार्टी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। यह कदम 2027 के चुनावों में मजबूत चुनावी आधार बनाने की तैयारी माना जा रहा है।
मुंशी प्रेमचंद की कहानियों से सीख
वहीं जुलाई महीने में कैलेंडर (Calendar) में मुंशी प्रेमचंद की तस्वीर है और अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से उनकी लिखी ईदगाह, पंच परमेश्वर, ठाकुर का कुंआ और सदगति जैसी कहानियां पढ़ने को कहा है। अक्टूबर महीने में अखिलेश यादव ने लिखा है कि उत्तर प्रदेश में चुनाव आ रहे हैं और यह दिन हर तरह के आपसी भेद, शिकायतों और ईगो को भूलकर एकजुट होने का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी है तो सबकुछ है।
गांव-गांव तक Calendar पहुंचाने की योजना
वहीं नवम्बर महीने में कार्यकर्ताओं को लखनऊ के पार्टी ऑफिस में रहने की बजाय गांव, मुहल्ले, वार्ड और क्षेत्र में रहने को कहा गया है। समाजवादी पार्टी की योजना है कि यह कैलेंडर (Calendar) यूपी के हर गांव तक पहुंचे। 2012 में अखिलेश यादव ने यूपी में बहुमत की सरकार बनाई थी लेकिन 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में वह मुख्यमंत्री नहीं बन पाए। 2027 के चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अखिलेश यादव के दिए गए टास्क को कितना प्रभावी ढंग से पूरा कर पाते हैं।
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