Budget 2025: बजट पर बढ़ी यूपी में सियासत, अखिलेश बोले- अपना आखिरी बजट पेश कर रही योगी सरकार

Sandesh Wahak Digital Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का वार्षिक बजट विधानसभा में पेश किया। इस बजट को प्रदेश के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है।

इस बजट को लेकर यूपी में सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे भाजपा सरकार का नौंवां बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट नहीं, बल्कि एक “बड़ा ढोल” है जिसमें बहुत आवाज तो है, लेकिन अंदर से यह खोखला है। अखिलेश यादव ने आगे कहा, “इस बजट को देखकर किसानों की उम्मीदें टूट गई हैं, महिलाओं के चेहरे पर घर चलाने की चिंता की लकीरें उभर आई हैं। आम जनता के लिए इसमें कुछ भी नहीं है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री और विधायक भी बजट से निराश हैं क्योंकि इसमें उनके विभागों के लिए कुछ नहीं है।

बजट पर सपा प्रमुख ने उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने के लिए बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। सवाल यह है कि इसमें युवा, किसान, बेरोजगारों और महिलाओं के लिए क्या है?” उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि योगी सरकार अपना आखिरी बजट पेश कर रही है और इस बजट में कोई विजन नहीं है।

इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में विपक्ष द्वारा संगम के जल को लेकर फैलाए गए अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संगम का जल पीने और स्नान करने योग्य है। इस पर अखिलेश यादव ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संगम के जल को पीने और नहाने के योग्य न होने का दावा किया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या लखनऊ वाले दिल्लीवालों को भी सनातनी नहीं मानते हैं।

बीएसपी  अध्यक्ष मायावती ने भी यूपी के बजट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बजट में महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए पर्याप्त नीयत और नीति का अभाव है। मायावती ने कहा, “अगर यह बजट जनहित और जनकल्याण के लिए अधिक होता तो यह बेहतर होता।” उन्होंने भाजपा सरकार के बजट को “मध्यम वर्ग के तुष्टीकरण वाला” बताया और कहा कि सरकारों का असली ध्यान करोड़ों परिवारों की दरिद्रता को दूर करना और उनका सुख-चैन सुनिश्चित करना होना चाहिए।

बसपा प्रमुख बोलीं – बुनियादी सुविधाओं की कमी

मायावती ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के शहरों, गांवों और समाज में बुनियादी सुविधाओं की कमी और विषमताओं का सामना किया जा रहा है। लोगों को सड़क, पानी, स्कूल, अस्पताल और रोजी-रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतों की मांग है, लेकिन बजट में इन समस्याओं का समाधान नहीं दिख रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का यह दावा कि यूपी पहले बदहाल था, गलत है। बसपा की सरकार में जनहित और जनकल्याण, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था पर बेहतर काम हुआ था, जिसे लोग अब तरस रहे हैं। भाजपा की नीतियों से बहुजन समाज बदहाल हो गया है।

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