यूपी में सपा सरकार बनी तो यश भारती की पुरस्कार राशि 21 लाख होगी, अखिलेश का ऐलान
Akhilesh Yadav: लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी के कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में सपा की सरकार बनती है तो यश भारती पुरस्कार फिर शुरू किया जाएगा। पुरस्कार की राशि 11 लाख से बढ़ाकर 21 लाख रुपये करने और हर महीने मिलने वाली सम्मान राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की बात भी कही।
अखिलेश ने कहा कि उनकी सरकार में खेल में किसी तरह का “खेल” नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने यश भारती सम्मान बंद कर दिया था। योगी सरकार ने 2020 में इसकी जगह राज्य संस्कृति पुरस्कार शुरू किया था और मासिक पेंशन भी बंद कर दी थी।
1994 में शुरू हुआ था सम्मान
यश भारती की शुरुआत 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में हुई थी। यह सम्मान कला, खेल, संस्कृति, अभिनय, संगीत, नृत्य, चित्रकला और रंगमंच सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को दिया जाता था।
चुनाव आयोग और BJP पर लगाए आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने सैफई को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर को सैफई से प्रेरणा लेनी चाहिए। चुनावी प्रक्रिया पर उन्होंने आरोप लगाया कि 2022 में समाजवादी समर्थकों के वोट काटे गए और फॉर्म-7 भेजे गए। उन्होंने दावा किया कि सपा कार्यकर्ताओं ने ऐसे मामलों को पकड़ा, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने उपचुनावों में भी भाजपा पर चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाए और कहा कि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का वाराणसी में प्रस्तावित जेन-जी संवाद कार्यक्रम स्थगित होने पर भी उन्होंने टिप्पणी की।
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