बरेली सपा में ‘क्लीन स्वीप’, गुटबाजी पर चला अखिलेश यादव का हथौड़ा, पूरी कार्यकारिणी भंग

Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के गढ़ कहे जाने वाले बरेली में संगठन के भीतर मची कलह और अनुशासनहीनता पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लिया है। पार्टी ने बरेली की जिला और महानगर इकाई को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। इस कार्रवाई की मुख्य वजह जिलाध्यक्ष का एक विवादित वीडियो और संगठन के भीतर चल रही आपसी खींचतान बताई जा रही है।

विवादित वीडियो और अनुशासन पर वार

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप का एक कथित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हाईकमान बेहद नाराज था। अखिलेश यादव ने इस मामले की गुप्त जांच करवाई और रिपोर्ट मिलने के बाद इसे ‘अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा’ मानते हुए पूरी टीम को बाहर का रास्ता दिखा दिया।

अध्यक्षों के बीच ‘वर्चस्व की जंग’ ले डूबी संगठन को

सिर्फ वीडियो ही नहीं, बल्कि बरेली में जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी के बीच लंबे समय से ‘शीत युद्ध’ चल रहा था। दोनों गुटों की इस वर्चस्व की लड़ाई ने पार्टी की छवि को खासा नुकसान पहुँचाया था। प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि वर्तमान कार्यकारिणी को पूरी तरह भंग कर दिया गया है।

इन दिग्गजों पर भी गिरी गाज

इस बड़ी ‘सफाई’ में न केवल अध्यक्ष, बल्कि पूरी टीम को पदमुक्त कर दिया गया है। इसमें प्रमुख नाम शामिल हैं

उपाध्यक्ष: रविंद्र सिंह यादव, इंजीनियर अनीस अहमद, सुरेंद्र सोनकर।

कोषाध्यक्ष: अशोक यादव।

अन्य पदाधिकारी: आदेश यादव, दीपक शर्मा, भारती चौहान और स्मिता यादव।

2027 के लिए ‘क्लीनअप’ अभियान

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अखिलेश यादव अब मिशन 2027 (विधानसभा चुनाव) को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहते। बरेली जैसे महत्वपूर्ण जिले में संगठन को पूरी तरह बेदाग और एकजुट रखने के लिए यह कड़ा संदेश दिया गया है। जल्द ही यहाँ नए सिरे से समर्पित और साफ-सुथरी छवि वाले नेताओं को कमान सौंपी जाएगी।

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