‘भाजपा राजनीतिक दल नहीं, एक ‘गैंग’ है, यूपी से होगा सफाया’, अखिलेश यादव का तीखा वार

Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरा बताया है। सपा इन्टेलेक्चुअल फोरम की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति केवल चालाकी, सांप्रदायिकता और नफरत पर टिकी है।

विदाई पर्यटन पर हैं मुख्यमंत्री

अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार के हालिया विदेशी दौरों पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अब ‘विदाई पर्यटन’ पर निकले हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार के पास अब समय ही कितना बचा है, जो नए-नए एमओयू (MoU) साइन किए जा रहे हैं।

‘भाजपा राजनीतिक दल नहीं, एक 'गैंग' है, यूपी से होगा सफाया’, अखिलेश यादव का तीखा वार

सपा प्रमुख अखिलेश ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं और शिक्षा के नाम पर केवल लूट मची है। भाजपा ने पाखंड और अंधविश्वास को बढ़ावा देकर नई पीढ़ी को अंधेरे की ओर धकेल दिया है। 10 सालों के शासन का नतीजा शून्य है; नौजवानों के पास न नौकरी है और न ही महंगाई से राहत।

2027 का लक्ष्य: “समाजवाद ही एकमात्र विकल्प”

अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि देश के बाजार और जमीन पर विदेशियों की नजर है और भाजपा सरकार ने पूरा बाजार बाहरी ताकतों को सौंप दिया है। उन्होंने कहा, “2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना बहुत जरूरी है। समाज को बुराइयों और सांप्रदायिकता से निकालने के लिए समाजवादी विचारधारा ही एकमात्र पॉजिटिव और प्रोग्रेसिव रास्ता है।” उन्होंने भाजपा से यह भी सवाल किया कि आजादी के समय देश का क्षेत्रफल कितना था और आज कितना बचा है?

‘भाजपा राजनीतिक दल नहीं, एक 'गैंग' है, यूपी से होगा सफाया’, अखिलेश यादव का तीखा वार

बुद्धिजीवियों ने लिया अखिलेश को CM बनाने का संकल्प

बैठक में मौजूद शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों ने अखिलेश यादव के नेतृत्व पर भरोसा जताया। फोरम के सदस्यों ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया के विचारों को अखिलेश जी ने ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के जरिए जमीन पर उतारा है। सदस्यों ने लैपटॉप वितरण और कन्या विद्या धन जैसी योजनाओं को याद करते हुए संकल्प लिया कि वे 2027 में अखिलेश यादव को फिर से उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाएंगे। बैठक में फोरम के प्रदेश प्रभारी प्रो. शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव समेत कई गणमान्य शिक्षाविद और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।

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