संभल हिंसा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से पूर्व CO अनुज चौधरी को बड़ी राहत, पुलिसवालों पर FIR के आदेश पर लगी रोक

Prayagraj News: संभल में हुई हिंसा के मामले में घिरे पूर्व सर्कल ऑफिसर (CO) अनुज कुमार चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ी संजीवनी दी है। हाईकोर्ट ने संभल की निचली अदालत (CJM कोर्ट) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें भीड़ पर गोली चलाने के आरोप में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।

यह पूरा मामला यामीन नाम के एक व्यक्ति की शिकायत से शुरू हुआ था। यामीन का आरोप था कि 24 नवंबर, 2024 की सुबह उनका बेटा आलम मस्जिद के पास बिस्कुट बेच रहा था, तभी पुलिसवालों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। तत्कालीन सीजेएम विभांशु सुधीर ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कहा था कि गोली चलाना आधिकारिक ड्यूटी का हिस्सा नहीं हो सकता और पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया था। दिलचस्प बात यह है कि इस आदेश के एक हफ्ते बाद ही सीजेएम का तबादला सुल्तानपुर कर दिया गया था।

मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल (AAG) मनीष गोयल ने जोरदार दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा, मजिस्ट्रेट ने FIR का आदेश देते समय BNSS की धारा 175(4) के तहत उन सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज कर दिया, जो ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षा देते हैं। आरोप लगाया गया कि मजिस्ट्रेट ने पुलिस की उस रिपोर्ट को पूरी तरह अनदेखा कर दिया, जिसमें कहा गया था कि घटना की जांच पहले से ही चल रही है। सरकार ने तर्क दिया कि शिकायतकर्ता सीधे कोर्ट पहुँच गया, जबकि कानूनन पहले पुलिस स्टेशन जाना अनिवार्य होता है।

अगली सुनवाई 24 फरवरी को

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फिलहाल संभल कोर्ट के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। अब इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी। कोर्ट के इस फैसले से उन पुलिस अधिकारियों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है, जिनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक रही थी।

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