शिक्षामित्रों का मानदेय नहीं बढ़ा तो हाजिर हों अपर मुख्य सचिव, इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त आदेश
Sandesh Wahak Digital Desk: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार को कड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि या तो वे इस मामले में आदेश का पालन करते हुए एक हलफनामा दाखिल करें, या फिर 27 अक्टूबर को खुद कोर्ट में हाजिर हों।
यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने वाराणसी के विवेकानंद की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। पिछली सुनवाई (18 सितंबर 2025) में महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा, शिक्षा निदेशक (बेसिक) प्रताप सिंह बघेल और सचिव यूपी बेसिक शिक्षा बोर्ड सुरेंद्र कुमार तिवारी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में मौजूद थे। कोर्ट ने उनके हलफनामों को रिकॉर्ड में ले लिया है।
कोर्ट से आदेश का पालन करने के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा
हालांकि, अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सुनवाई में अनुपस्थित थे, लेकिन उन्होंने छूट का आवेदन दिया था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। सरकारी वकील ने कोर्ट से आदेश का पालन करने के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पिछली बार भी समय मांगा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए दीपक कुमार को अगली सुनवाई पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें कोर्ट के आदेश का पूर्ण अनुपालन दिखाया जाना चाहिए। कोर्ट ने साफ चेतावनी दी है कि अगर वह ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो उन पर आरोप तय करने के लिए उन्हें खुद कोर्ट में उपस्थित रहना होगा। वहीं, अन्य अधिकारियों को अगली सुनवाई तक व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी गई है।
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