Prayagraj News: हाईकोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार, पूछा- FIR के 7 दिन बाद ही आरोपी को कैसे घोषित कर दिया भगोड़ा

Prayagraj News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फतेहपुर जिले की पुलिस द्वारा की गई एक जल्दबाजी भरी कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान आरोपित की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत इस बात से नाराज थी कि पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के मात्र सात दिन बाद ही आरोपी के खिलाफ भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

फतेहपुर के असोथर थाने में संतोष द्विवेदी और अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। याचियों ने इस एफआईआर को रद्द करने और अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डीके सिंह ने कोर्ट में दलील दी कि यह पूरी कानूनी कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने बताया कि एफआईआर 18 दिसंबर, 2025 को दर्ज हुई और महज 7 दिन बाद, यानी 26 दिसंबर को पुलिस ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया।

जांच के दौरान बिना किसी ठोस सबूत के हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं जोड़ दी गईं। वकील ने तर्क दिया कि इतनी जल्दी भगोड़ा घोषित करना यह दर्शाता है कि पुलिस का मकसद सिर्फ याचिकाकर्ताओं को प्रताड़ित करना है। न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने मामले को विचारणीय माना है। कोर्ट ने कहा कि इतनी कम अवधि में भगोड़ा घोषित करना प्रथम दृष्टया पुलिस की मनमानी को दर्शाता है। कोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। राज्य सरकार और पुलिस से इस पूरी कार्रवाई पर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 फरवरी, 2026 की तारीख तय की है।

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