Basti News: निजी अस्पताल में लापरवाही का आरोप, बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों को मिली जान से मारने की धमकी

Basti News: उत्तर प्रदेश के बस्ती ज़िले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक निजी अस्पताल ओमवीर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान कथित लापरवाही के चलते एक बुजुर्ग मरीज़ की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर न केवल घोर लापरवाही का आरोप लगाया है, बल्कि यह भी कहा है कि उन्हें जान से मारने की धमकियाँ दी गई हैं।

क्या है पूरा मामला

पीड़ित परिवार के अनुसार, ग्राम मरहा, पोस्ट कटया, थाना नगर निवासी वीरेन्द्र प्रताप अपने पिता पल्टूराम (जो अब स्वर्गीय हैं) को कमर के फोड़े के इलाज के लिए 17 जुलाई 2025 को ओमवीर हॉस्पिटल (कैली रोड, बस्ती) लेकर गए थे। वहाँ कार्यरत डॉ. नवीन चौधरी ने दूरबीन विधि से ऑपरेशन करने की बात कही और इसका खर्च लगभग 30,000 रुपये बताया।

परिजनों का आरोप है कि प्रारंभिक जांच में मरीज़ का हीमोग्लोबिन स्तर 5.5 ग्राम (जो कि बेहद कम है) और ब्लड प्रेशर भी काफी कम पाया गया, इसके बावजूद बिना उचित तैयारी और विशेषज्ञ की सलाह के तुरंत ऑपरेशन कर दिया गया।

ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत और मिली धमकियां

परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद पल्टूराम की हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने जल्दबाजी में खून चढ़ाना शुरू किया, जिसके बाद मरीज़ के हाथ-पैर अकड़ने लगे और मुँह से झाग निकलने लगा। कुछ ही देर में पल्टूराम की मृत्यु हो गई, लेकिन अस्पताल स्टाफ ने इसके बाद भी इलाज जारी रखने का नाटक किया।

स्थिति को भांपते हुए जब परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से सवाल उठाया, तो अस्पताल संचालक डॉ. अर्चना चौधरी और स्टाफ ने उन्हें तुरंत गोरखपुर के राना हॉस्पिटल रेफर कर दिया। आरोप है कि राना हॉस्पिटल पहुँचने पर डॉक्टरों ने पल्टूराम को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस में शिकायत और आक्रोश

घटना के बाद जब परिजनों ने ओमवीर हॉस्पिटल प्रबंधन से जवाबदेही मांगी, तो डॉ. अर्चना चौधरी और स्टाफ ने उन्हें सीधे तौर पर धमकी दी कि अगर किसी अधिकारी से शिकायत की तो पूरे परिवार को जान से मरवा देंगे। बताया गया है कि डॉ. अर्चना चौधरी वर्तमान में सीएचसी मरवटिया में संविदा पर तैनात हैं, जबकि उनके पति डॉ. नवीन चौधरी महामाया मेडिकल कॉलेज, अंबेडकर नगर में कार्यरत हैं।

वीरेन्द्र प्रताप ने मुख्य चिकित्साधिकारी, जनपद बस्ती सहित अन्य संबंधित उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने दोषी चिकित्सकों और अस्पताल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। इस घटना से क्षेत्रीय जनता में भी भारी आक्रोश है और लोग निजी अस्पतालों की मनमानी और लापरवाही के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की मांग कर रहे हैं।

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