WHO के नए नियमों पर अमेरिका ने जताई आपत्ति, बोला- निजता और अधिकारों से समझौता नहीं
Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा पिछले साल (2024 में) बनाए गए अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों (IHR) में किए गए संशोधनों को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है। अमेरिका का कहना है कि ये नियम अमेरिकी नागरिकों के मौलिक अधिकारों और संप्रभुता से समझौता करते हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग के मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक संयुक्त बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है।
नए नियमों की कड़ी आलोचना
इस संयुक्त बयान में WHO के नए नियमों की कड़ी आलोचना की गई है। बयान में साफ कहा गया है कि WHO द्वारा किए गए ये संशोधन अस्पष्ट और बहुत ज़्यादा व्यापक हैं, जिससे अमेरिकी नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर बुरा असर पड़ सकता है।
बयान में आगे कहा गया कि WHO ने जो नए नियम बनाए हैं, उनकी भाषा साफ नहीं है और उनमें स्पष्टता की कमी है। इससे भ्रम पैदा हो सकता है। अमेरिका का दावा है कि उनकी एजेंसियां हमेशा अमेरिकी नागरिकों को पहली प्राथमिकता देती हैं और उनके हित में काम करती हैं। ऐसे में वे किसी भी अंतरराष्ट्रीय नियम को स्वीकार नहीं करेंगे, जो लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, निजता या व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन करती हो।
क्यों बनाए गए थे ये नियम
गौरतलब है कि जिनेवा में जून 2024 में WHO ने जो स्वास्थ्य समझौता अपनाया था, उसका मुख्य उद्देश्य यह था कि भविष्य में किसी भी महामारी की स्थिति में दुनिया भर में दवाएं, टीके और इलाज की तकनीकें सभी देशों को बराबर मिलें। WHO का मानना है कि कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी से सबक लेते हुए यह ज़रूरी है कि भविष्य में किसी भी महामारी से लड़ने के लिए सभी देशों के बीच सहयोग और संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण हो।
हालांकि, अमेरिका का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय सहयोग के पक्ष में है, लेकिन वह किसी ऐसे समझौते को नहीं मानेगा जो देश की संप्रभुता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों से समझौता करता हो। इस अमेरिकी फैसले से वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग पर कुछ असर पड़ सकता है।
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