ध्वनि की गति से भी तेज चलने वाला अमेरिका का शांत सुपरसोनिक विमान X-59 ने भरी पहली सफल उड़ान
Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) और लॉकहीड मार्टिन ने सोमवार को प्रायोगिक सुपरसोनिक विमान X-59 की पहली सफल उड़ान भरकर विमानन इतिहास में एक बड़ा अध्याय जोड़ा है। इस विमान को अब भविष्य की उड़ान कहा जा रहा है, क्योंकि यह ध्वनि की गति से भी तेज उड़ सकता है, लेकिन उड़ान भरते समय यह बहुत कम आवाज करता है।
नासा के प्रमुख परीक्षण पायलट नील्स लार्सन ने सुबह 8:14 बजे पैडल (पामडेल) की लॉकहीड मार्टिन स्कंक वर्क्स फैसिलिटी से उड़ान भरी और इसे सफलतापूर्वक एडवर्ड्स के नासा आर्मस्ट्रांग फ्लाइट रिसर्च सेंटर में उतारा। X-59 को क्वाइट सुपरसोनिक टेक्नोलॉजी (QueSST) प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है। इसका मुख्य फीचर पारंपरिक सुपरसोनिक विमानों द्वारा उत्पन्न होने वाले तेज सॉनिक बूम को कम करना है, जो 110-140 डेसिबल (एक तेज धमाके जैसा) पैदा करता है।
X-59 की विशेष संरचना (फ्यूजलेज ज्योमेट्री) हवा के प्रवाह को इस तरह मोड़ती है कि बूम को ऊपर की ओर कर दिया जाता है, जिससे जमीन पर केवल 60-80 डेसिबल का हल्का ‘थंप’ शोर सुनाई देता है, जो किसी कार का दरवाजा बंद होने जैसा लगता है।
🚀 The US has unveiled the first flight of a “quiet” aircraft capable of flying faster than the speed of sound
NASA and Lockheed Martin conducted the first tests of the experimental X-59. The aircraft was built as a one-of-a-kind prototype and could pave the way for the return… pic.twitter.com/TOmaucwLgo
— NEXTA (@nexta_tv) October 29, 2025
एक घंटे में तय करेगा 1500 किमी तक की दूरी
यह सिंगल-सीटर विमान मैक 1.4 (लगभग 1508 किलोमीटर प्रति घंटा) की अधिकतम गति तक पहुँच सकता है। पहली परीक्षण उड़ान सबसोनिक गति (ध्वनि की गति से कम) पर 30 मिनट तक सीमित थी, जिसमें सभी सिस्टम सामान्य पाए गए। 99 फीट लंबा यह विमान GE F414 इंजन से लैस है, जिसके विकास में नासा ने 500 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है। अमेरिकी परिवहन सचिव पीट बुट्टिगिएग ने इस सफलता पर कहा कि यह परियोजना अमेरिका के विमानन नेतृत्व को मजबूत करती है और जनता की हवाई यात्रा की धारणा को बदल सकती है।
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