अमेठी में गूंजा ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’, कांग्रेसियों ने चौपाल लगाकर केंद्र पर साधा निशाना
Sandesh Wahak Digital Desk: अमेठी जिले के बाजार शुकुल में कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को स्थानीय ब्लॉक कार्यालय पर ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत एक विशाल चौपाल का आयोजन किया। ब्लॉक अध्यक्ष मजीद अहमद की अगुवाई और पूर्व विधायक राधेश्याम धोबी की मौजूदगी में जुटे कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
गरीबों की लाइफलाइन है मनरेगा
चौपाल को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक राधेश्याम धोबी ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसे कांग्रेस शासन के दौरान इसलिए लाया गया था ताकि गांव के गरीब को अपने घर के पास ही रोजगार की गारंटी मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार योजना का नाम और स्वरूप बदलकर इसके मूल उद्देश्य को खत्म करना चाहती है, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।
कार्यकर्ताओं ने ली गांव-गांव जाने की शपथ
ब्लॉक अध्यक्ष मजीद अहमद और अन्य वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांवों में जाकर मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करें। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार की नियत इस योजना के बजट में कटौती करने और इसे कमजोर करने की है।
इस कार्यक्रम के दौरान राजकुमार चौहान, राजीव त्रिवेदी और अमीन जैसे नेताओं ने भी अपने विचार रखे। चौपाल में मतीन, धर्मराज बहेलिया, ओंकारनाथ त्रिपाठी और जय सिंह समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस की इस मुहिम का मकसद ग्रामीण इलाकों में यह संदेश देना है कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि मजदूरों का कानूनी अधिकार है और इसके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ उनके रोजगार को संकट में डाल सकती है।
रिपोर्ट: राम धीरज यादव
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