अमेठी: मुसाफिरखाना तहसील में वकीलों का हल्लाबोल, SDM के तबादले की मांग को लेकर अड़े वकील
Sandesh Wahak Digital Desk: अमेठी जिले की मुसाफिरखाना तहसील में वकीलों और प्रशासन के बीच चल रही जंग थमती नजर नहीं आ रही है। उप जिलाधिकारी (एसडीएम) प्रशासनिक अभिनव कनौजिया की कार्यप्रणाली से नाराज अधिवक्ताओं ने बुधवार को भी तहसील परिसर में जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों के कार्य बहिष्कार (हड़ताल) के कारण लगातार न्यायिक कार्य ठप है, जिससे दूर-दराज से आए वादकारी (मरीज/फरयादी) बिना सुनवाई के लौटने को मजबूर हैं।
क्यों उग्र हो रहा है अधिवक्ताओं का गुस्सा?
मुसाफिरखाना बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम प्रशासनिक का रवैया संतोषजनक नहीं है। अधिवक्ताओं ने कहा कि एसडीएम अभिनव कनौजिया का तत्काल स्थानांतरण किया जाए। एसडीएम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
22 जनवरी को होगी ‘अधिवक्ता महापंचायत’
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ला ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक एसडीएम का तबादला नहीं होता, हड़ताल खत्म नहीं होगी। आंदोलन को धार देने के लिए आगामी 22 जनवरी को एक विशाल ‘अधिवक्ता महापंचायत’ बुलाई गई है। वकीलों ने इस लड़ाई में राजनीतिक दलों, किसान संगठनों और सामाजिक संस्थाओं को भी आमंत्रित किया है। कई संगठनों ने पहले ही वकीलों को अपना समर्थन देने का वादा किया है।
प्रदर्शन में ये अधिवक्ता रहे शामिल
विरोध प्रदर्शन के दौरान मुसाफिरखाना बार एसोसिएशन के वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इनमें जगतराम पाल, संजय मिश्रा, गणेश शुक्ला, सतीश सिंह, प्रमोद श्रीवास्तव, आलोक तिवारी, पवन तिवारी और संदीप सहित कई अन्य वकीलों ने हुंकार भरी।
रिपोर्ट: राम धीरज यादव
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