अमेठी: चाची के घर भतीजे ने ही डाल दिया डाका, 12 लाख के जेवरात और नकदी समेत 4 गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: अमेठी जनपद की मोहनगंज पुलिस ने चोरी की एक बड़ी वारदात को सुलझाते हुए चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। ताज्जुब की बात यह है कि इस चोरी का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार का ही एक सदस्य निकला। पुलिस ने इनके पास से करीब 12 लाख रुपये की कीमत के सोने-चांदी के जेवरात और 41 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
खाली घर पाकर कर दिया हाथ साफ
पूरा मामला 20 जनवरी का है। ग्राम फूला की रहने वाली श्रीमती सेमऊ अपने परिवार के साथ छत्तीसगढ़ के दामाखेड़ा में एक सत्संग में गई थीं। घर खाली था और इस बात की भनक उनके सगे संबंधी सूरज को थी। सूरज ने अपने तीन साथियों राजकुमार, अर्जुन और दीपक सिंह के साथ मिलकर 20-21 जनवरी की रात घर का ताला तोड़ा और अलमारी में रखे पुश्तैनी जेवरात व नकदी लेकर फरार हो गए।

पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी
एसपी अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान, क्षेत्राधिकारी तिलोई दिनेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में मोहनगंज पुलिस बुधवार को संदिग्धों की तलाश कर रही थी। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ युवक चोरी के माल का बंटवारा करने के लिए इकट्ठा हुए हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर सूरज, राजकुमार, अर्जुन और दीपक को दबोच लिया।
बरामदगी का विवरण
तलाशी के दौरान चारों के पास से चोरी का लगभग सारा सामान बरामद हो गया।
सूरज: सोने की चेन, अंगूठी, हार, चांदी की पाजेब और 10,000 रुपये।
राजकुमार: मंगलसूत्र, नाक की कील, चांदी का सिक्का और 11,000 रुपये।
अर्जुन: मांग टीका, कान के झाले, हाथफूल और 10,000 रुपये।
दीपक: नथुनी, हाफ पेटी, चांदी का बिस्किट और 10,000 रुपये।
भतीजे ने ही की थी ‘मुखबिरी’
पूछताछ में मुख्य आरोपी सूरज ने कबूल किया कि पीड़ित रमेश उसके पारिवारिक चाचा हैं। उसे पता था कि चाची बेटी के साथ सत्संग में बाहर गई हैं, इसलिए उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस वारदात की योजना बनाई। थानाध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया कि चारों अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
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