Amethi News: मुसाफिरखाना में वकीलों का हल्लाबोल, एसडीएम के खिलाफ जमकर की नारेबाजी
मुसाफिरखाना (अमेठी): मुसाफिरखाना तहसील में वकीलों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। एसडीएम प्रशासनिक अभिनव कनौजिया की कार्यप्रणाली के विरोध में बार एसोसिएशन के सदस्य पिछले 30 दिसंबर से लगातार हड़ताल पर हैं। मंगलवार को यह विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया जब वकीलों ने तहसील परिसर से लेकर मुख्य गेट तक जुलूस निकाला और एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

एक महीने से न्यायिक कार्य ठप, फरियादी बेहाल
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेदप्रकाश शुक्ला और महासचिव राजीव कुमार तिवारी के नेतृत्व में वकीलों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। वकीलों की साफ मांग है कि एसडीएम का तुरंत स्थानांतरण किया जाए और उनकी आय से अधिक संपत्ति की जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार के कारण पिछले एक महीने से कोर्ट की कार्यवाही नहीं हो पा रही है, जिससे सैकड़ों मुकदमों की तारीखें आगे बढ़ रही हैं और वादकारी मायूस होकर वापस जा रहे हैं।
जब तक विदाई नहीं, तब तक काम नहीं
एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ला ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक एसडीएम अभिनव कनौजिया को यहां से हटाया नहीं जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि वकील अब अपने आंदोलन को और उग्र करने की तैयारी में हैं। इसके लिए संघ भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
वरिष्ठ वकीलों ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन के दौरान के.के. सिंह, प्रमोद श्रीवास्तव, राजन सिंह और सतीश सिंह समेत बड़ी संख्या में वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। वकीलों का आरोप है कि एसडीएम की कार्यशैली से न्यायिक गरिमा और अधिवक्ताओं के सम्मान को ठेस पहुंच रही है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तहसील में उपजे इस तनाव ने स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, लेकिन वकील अपनी मांगों को लेकर झुकने को तैयार नहीं हैं।
रिपोर्ट: राम धीरज यादव
Also Read: कैसरगंज में भाजपा का ‘समरसता भोज’, संजय राय बोले- आम बजट से मजबूत होगी देश की अर्थव्यवस्था

