Cyber ​​Crime के खिलाफ सरकार का बड़ा एक्शन, CBI की नई साइबर क्राइम ब्रांच का अमित शाह ने किया उद्घाटन

Sandesh Wahak Digital Desk: देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध (Cyber ​​Crime) पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने CBI की नई साइबर क्राइम ब्रांच का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने I4C यानी इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के S4C डैशबोर्ड को भी लॉन्च किया। इस मौके पर उन्होंने सीबीआई और I4C को बधाई देते हुए कहा कि यह ऐसी यूनिट है जिसमें कई विभाग और एजेंसियां एक प्लेटफॉर्म पर मिलकर साइबर अपराध रोकने के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब सभी प्रयास एक दिशा में होते हैं तभी बेहतर परिणाम मिलते हैं।

साइबर सिक्योरिटी बनी सबसे बड़ी जरूरत

अमित शाह ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत की डिजिटल यात्रा तेजी से आगे बढ़ी है और अब साइबर सिक्योरिटी सबसे ज्यादा जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि पहले जहां सिर्फ 25 हजार यूजर्स थे, वहीं अब यह संख्या 100 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 1 GB डेटा की कीमत में 97 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में होने वाले हर दूसरे डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहे हैं, जिसे सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि देश में 97 करोड़ से ज्यादा जनधन खाते हैं और साइबर सिक्योरिटी अब देश के संगठनों के डेटा की सुरक्षा से भी जुड़ चुकी है।

बैंक फ्रॉड और साइबर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई

गृह मंत्री ने कहा कि 20 हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड में से 8 हजार करोड़ रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि 12 लाख सिम कार्ड रद्द किए गए हैं और 2025 तक 20 हजार 853 साइबर अपराधियों को पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि साइबर सिक्योरिटी अब देश की सुरक्षा से सीधे जुड़ी है क्योंकि देश का डेटा चुराकर दुश्मनों को बेचने की कोशिश भी की जा रही है।

साइबर शिकायतों के आंकड़े और बढ़ती चुनौतियां

अमित शाह ने बताया कि 30 नवंबर 2025 तक 23 लाख 61 हजार साइबर शिकायतें दर्ज हुईं। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 तक 12 लाख सिम कार्ड ब्लॉक किए गए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में म्यूल अकाउंट खरीदे और बेचे जा रहे हैं और इसे रोकने के लिए RBI और गृह मंत्रालय ने मिलकर म्यूल अकाउंट हंटर ऐप बनाया है, जिसे सभी बैंकों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1930 हेल्पलाइन को ज्यादा प्रभावी बनाना और रिस्पांस टाइम कम करना जरूरी है क्योंकि हर घंटे करीब 100 लोग साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं।

I4C से जुड़े सैकड़ों संस्थान

गृह मंत्री ने कहा कि अब तक I4C से 795 संस्थान जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर अगले 5 साल में पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए तो साइबर क्राइम (Cyber ​​Crime) बड़ा संकट बन सकता है। उन्होंने बैंकों से कहा कि एनपीए कम करने के साथ ग्राहक सेवा पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि साइबर फ्रॉड के 8 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम बरामद की जा चुकी है और 20 हजार से ज्यादा साइबर अपराधी पकड़े जा चुके हैं।

Cyber ​​Crime के खिलाफ तेज कार्रवाई की जरूरत

अमित शाह ने कहा कि साइबर अपराध (Cyber ​​Crime) अब अकेले अपराधियों तक सीमित नहीं रहा बल्कि संगठित अपराध का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों से CBI और NIA को सीधे संवाद करना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी साझा तंत्र बनाना जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ने के साथ खतरे भी बढ़े हैं और इससे निपटने के लिए जांच की गति और तेज करनी होगी।

 

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