‘मिशन केरल’ पर अमित शाह: लेफ्ट के किले में सेंध लगाने की तैयारी, 2026 चुनाव के लिए फूंका बिगुल
Sandesh Wahak Digital Desk: दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के संकल्प के साथ भारतीय जनता पार्टी ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए ‘मिशन केरल’ का शंखनाद कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में तिरुवनंतपुरम का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरा और नारा दिया “जो कभी नहीं बदला, वह अब बदलेगा।” केरल, जो पारंपरिक रूप से वामपंथी (LDF) और कांग्रेस (UDF) का गढ़ रहा है, वहां भाजपा अब एक “तीसरी शक्ति” के रूप में उभरने की रणनीति पर काम कर रही है।
आंकड़ों में भाजपा की ‘बड़ी छलांग’
पार्टी का आत्मविश्वास हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनावों और बढ़ते वोट शेयर पर टिका है। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा ने 101 में से 50 वार्ड जीतकर इतिहास रचा और पहली बार अपना मेयर बनाया।
2001 में महज 3% वोट शेयर वाली भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में 20% तक पहुंच गई है। अमित शाह ने इसे 30-40% तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। 6 नगर निगमों में NDA का वोट शेयर 23% से अधिक रहा, वहीं 79 ग्राम पंचायतों में पार्टी दूसरे स्थान पर रहकर अपनी ग्रामीण पैठ दर्ज कराई है।
‘मिशन 2026’ की रणनीतिक कमान
अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए त्रिपुरा और मणिपुर का उदाहरण दिया, जहां भाजपा ने शून्य से सत्ता तक का सफर तय किया। 35 प्रमुख विधानसभा सीटों पर विशेष ध्यान (Focus Seats), जहां भाजपा जीत के करीब है। सबरीमाला मुद्दे को भावनात्मक रूप से जीवित रखते हुए हिंदू मतदाताओं के साथ स्थायी संबंध बनाना। 26% आबादी वाले ‘इझवा’ और अन्य पिछड़ा वर्ग समुदायों को पार्टी से जोड़ना। के सुरेंद्रन और वी मुरलीधरन जैसे दिग्गज नेता इसी वर्ग का नेतृत्व कर रहे हैं। ‘विकसित भारत’ के लिए ‘विकसित केरल’ का नारा, जिसमें रेमिटेंस (प्रवासी आय) पर निर्भरता कम कर स्थानीय उद्योगों और पर्यटन को बढ़ावा देने का वादा है।
भ्रष्टाचार और सुरक्षा का मुद्दा
अमित शाह ने एलडीएफ और यूडीएफ पर ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों गठबंधन बारी-बारी से राज्य को लूट रहे हैं। उन्होंने सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में स्वतंत्र जांच की मांग कर राज्य सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाए और वादा किया कि केवल NDA ही केरल को सुरक्षित और भ्रष्टाचार मुक्त शासन दे सकता है।
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