AMU शिक्षक हत्याकांड: कातिल भाइयों पर पुलिस का शिकंजा, घर पर चिपकाया कुर्की का नोटिस

अलीगढ़: एएमयू शिक्षक हत्याकांड के आरोपी पुलिस की गिरफ्त से भले ही दूर हों, लेकिन कानून का घेरा उन पर कसता जा रहा है। गुरुवार को पुलिस की टीम ने मुख्य आरोपी जुबैर और उसके शूटर भाइयों के घर पहुंचकर मुनादी की और धारा 82 के तहत कुर्की का नोटिस चस्पा किया। दिलचस्प बात यह रही कि पुलिस के जाते ही किसी ने चुपके से वह नोटिस हटा दिया, लेकिन पुलिस का कहना है कि यह उनकी आखिरी चेतावनी है, इसके बाद सीधे संपत्ति कुर्क की जाएगी।

क्या थी हत्या की वजह?

शिक्षक राव दानिश हिलाल की हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और शक की एक खौफनाक कहानी है। 24 दिसंबर को कैनेडी हॉल के सामने सरेआम शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी जुबैर को शक था कि क्वार्सी के शाहजेब हत्याकांड में पुलिस को उसकी मुखबिरी राव दानिश हिलाल ने की थी, जिसकी वजह से उसे जेल जाना पड़ा। इसी का बदला लेने के लिए उसने अपने दो शूटर भाइयों यासिर और फहद के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया।

50 हजार से 1 लाख होगा इनाम

आरोपी जुबैर की हिस्ट्रीशीट साल 2021 में ही बरला थाने में खुल चुकी थी। फिलहाल तीनों भाइयों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। एसएसपी और डीआईजी स्तर से अब इस इनामी राशि को बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की तैयारी चल रही है, ताकि इन पर दबाव बढ़ाया जा सके।

गांव से लेकर ननिहाल तक छापेमारी

सिविल लाइन और बरला थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से आरोपियों के गांव ‘नौशा’ में दबिश दी। पुलिस ने उनके पिता रफत से लंबी पूछताछ की और घर के कोने-कोने की तलाशी ली। सिर्फ अलीगढ़ ही नहीं, बल्कि आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमों ने एटा स्थित उनकी ननिहाल में भी छापेमारी की है, लेकिन फिलहाल तीनों भाई हाथ नहीं आए हैं।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास अब ज्यादा रास्ते नहीं बचे हैं। अगर वे जल्द सरेंडर नहीं करते हैं, तो उनकी चल-अचल संपत्ति को पूरी तरह जब्त कर लिया जाएगा।

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