‘किसी निर्दोष को सज़ा मिलना ज़्यादा घातक’, आनंदीबेन पटेल ने प्रशिक्षु सिविल न्यायाधीशों को दी अहम सलाह

Sandesh Wahak Digital Desk: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को राजभवन में 2022 बैच के 70 नव नियुक्त सिविल न्यायाधीशों (जूनियर डिवीजन) से मुलाकात की। इस संवाद कार्यक्रम में उन्होंने न्यायाधीशों को न्याय के प्रति उनके दायित्वों और सामाजिक जिम्मेदारियों के बारे में महत्वपूर्ण सलाह दी।

न्याय सिर्फ कानून तक सीमित नहीं, विवेक भी ज़रूरी

राज्यपाल ने कहा कि न्यायपालिका का काम केवल कानून की व्याख्या करना नहीं है, बल्कि समाज की समस्याओं को समझकर संवेदनशील निर्णय लेना भी है। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं, जिन पर कोई स्पष्ट कानून नहीं होता। ऐसे में न्यायाधीश को अपने विवेक, निष्पक्षता और मानवीय दृष्टिकोण का इस्तेमाल करना होता है। उन्होंने जोर देकर कहा किसी दोषी का छूट जाना उतना घातक नहीं है, जितना किसी निर्दोष को सज़ा मिलना। इसलिए हर हाल में निष्पक्ष रहना बहुत ज़रूरी है।

समाज से जुड़ने और जागरूकता पर ज़ोर

आनंदीबेन पटेल ने प्रशिक्षु न्यायाधीशों को सलाह दी कि वे अपने पद पर रहते हुए भी समाज से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कोई भी व्यक्ति किसी भी पद पर हो, लेकिन वे समाज का हिस्सा होते हैं, उनका धरती से जुड़ाव होना चाहिए। उन्होंने अपने अनुभवों का हवाला देते हुए बताया कि जेलों में बंद ज़्यादातर कैदी दहेज, भूमि विवाद और धोखाधड़ी जैसे मामलों से जुड़े होते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन अपराधों को रोकने के लिए समाज में जागरूकता फैलाना बहुत ज़रूरी है। इसके लिए महिलाओं, बेटियों और विश्वविद्यालयों में ऐसे मुद्दों पर संवाद कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए। इस मौके पर न्यायिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक दिवेश चंद्र सामंत ने संस्थान की गतिविधियों की जानकारी दी। प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने भी अपने प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए।

Also Read: UP News: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बोले- FDR तकनीक से बनीं सड़कें बन रहीं वरदान

Get real time updates directly on you device, subscribe now.