ईडी के समन पर नहीं पहुंचे अनिल अंबानी, वर्चुअल पेशी का दिया प्रस्ताव
Sandesh Wahak Digital Desk: रिलायंस एडीएजी समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी शुक्रवार को एक बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होने नहीं पहुंचे। उन्हें दूसरे दौर की पूछताछ के लिए तलब किया गया था। हालाँकि, उनकी ओर से कहा गया है कि वह वर्चुअल तरीके से पूछताछ में शामिल होने को तैयार हैं।
अनिल अंबानी की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि वह हर मामले में ईडी का पूरा सहयोग करेंगे। लेकिन, ईडी के सूत्रों का कहना है कि उन्हें अभी तक अनिल अंबानी या उनकी कंपनी से वर्चुअल पेशी का कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला है।

अपने बचाव में अनिल अंबानी ने क्या कहा
अपने बयान में अनिल अंबानी ने कई महत्वपूर्ण बातें रखीं। उन्होंने कहा कि ईडी का समन FEMA (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) की जांच से जुड़ा है, न कि मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के किसी मामले से। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड में सदस्य नहीं हैं और पिछले 15 सालों तक सिर्फ एक गैर-कार्यकारी निदेशक के तौर पर जुड़े रहे। उनका कहना है कि कंपनी के रोजमर्रा के प्रबंधन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
यह मामला तब और गर्माया है जब सोमवार को ईडी ने नवी मुंबई में धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी की 4,462 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 132 एकड़ जमीन को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया। इससे पहले, रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और उसकी अन्य कंपनियों के बैंक धोखाधड़ी के मामलों में ईडी ने 3,083 करोड़ रुपये से ज्यादा की 42 संपत्तियाँ भी जब्त की थीं।
इन सबको मिला दें तो, इस पूरे मामले में अब तक 7,545 करोड़ रुपये से अधना की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। ईडी ने यह जांच सीबीआई द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिसमें धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत आरोप लगे हैं।

