नशे के सौदागरों पर ANTF की बड़ी चोट, चित्रकूट-झांसी रूट के गांजा तस्करों की 12.6 लाख की गाड़ियां फ्रीज
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान चला रही एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों की कमर तोड़ना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में, एएनटीएफ की झांसी यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतराज्यीय गांजा तस्करों की अवैध कमाई से खरीदी गई 12.60 लाख रुपये की चल संपत्ति (वाहनों) को फ्रीज कर दिया है।
उड़ीसा से लाते थे गांजा, चित्रकूट में धराए
यह मामला नवंबर 2025 का है, जब रवि शिवहरे (बांदा), हरिश्चन्द्र शिवहरे (छतरपुर, म.प्र.) और गंगाराम कुशवाहा (महोबा) को चित्रकूट के रास्ते गांजे की खेप ले जाते हुए गिरफ्तार किया गया था। ये तस्कर उड़ीसा से गांजा लाकर बुंदेलखंड के इलाकों में सप्लाई करते थे। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने तस्करी के काले धंधे से मोटी रकम कमाई और उससे महंगी गाड़ियां खरीदीं।
कौन सी संपत्तियां हुईं फ्रीज?
नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी (NDPS) के आदेश के बाद पुलिस ने रवि और हरिश्चन्द्र की निम्नलिखित गाड़ियों को फ्रीज कर दिया है:
| मालिक का नाम | वाहन का विवरण | अनुमानित कीमत |
| रवि शिवहरे | मारुति सियाज (UP16BL4816) | ₹ 4,96,780 |
| हरिश्चन्द्र शिवहरे | बोलेरो नियो (MP16ZH0383) | ₹ 7,63,745 |
कुल संपत्ति का मूल्य: ₹ 12,60,525/-
कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट का मुहर
एएनटीएफ थाना झांसी के उप-निरीक्षक विनोद कुमार और उनकी टीम ने तस्करी से अर्जित इन संपत्तियों को चिन्हित कर दिसंबर 2025 में फ्रीजिंग ऑर्डर के लिए दिल्ली स्थित ‘सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक (SAFEM & NDPS)’ को रिपोर्ट भेजी थी। एएनटीएफ की मज़बूत पैरवी के बाद, 14 जनवरी 2026 को माननीय प्राधिकारी ने इन संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी। इस कार्रवाई से अपराधियों को यह कड़ा संदेश दिया गया है कि अपराध से बनाई गई संपत्ति पर अब सरकार का कब्जा होगा।
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