Baghpat News: दाखिल-खारिज के नाम पर रिश्वत लेते धरा गया नायब तहसीलदार का पेशकार
Baghpat News: सरकारी दफ्तरों में काम कराने के बदले रिश्वतखोरी का खेल अब महंगा पड़ने लगा है। बागपत के बड़ौत तहसील परिसर में एंटी करप्शन टीम ने नायब तहसीलदार के निजी पेशकार (प्राइवेट मुंशी) प्रमोद को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। टीम ने आरोपी के पास से केमिकल लगे नोट बरामद किए हैं।
जिवानी गांव के रहने वाले किसान सोनू सोलंकी ने साल 2022 में चार बीघा जमीन खरीदी थी। नियम के मुताबिक जमीन का दाखिल-खारिज (Mutation) होना था, जिसके लिए सोनू पिछले तीन साल से तहसील के चक्कर काट रहा था। आरोप है कि नायब तहसीलदार की कोर्ट में खुद को निजी पेशकार बताने वाले प्रमोद ने इस काम के बदले पहले ही 4,000 रुपये ले लिए थे, लेकिन काम फिर भी नहीं हुआ। सोनू जब दोबारा मिला, तो प्रमोद ने काम पूरा करने की एवज में 10 हजार रुपये की और मांग की। बार-बार की परेशानी से तंग आकर किसान ने इसकी शिकायत मेरठ की एंटी करप्शन टीम से कर दी।
शिकायत मिलने के बाद टीम ने एक जाल बिछाया। टीम ने सोनू को केमिकल लगे 10 हजार रुपये देकर तहसील भेजा। जैसे ही सोनू ने वह पैसे प्रमोद को थमाए, पहले से घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन की टीम ने उसे दबोच लिया। हाथ धुलवाते ही प्रमोद की उंगलियां गुलाबी हो गईं, जो इस बात का सबूत था कि उसने रिश्वत ली है।
गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को लेकर बड़ौत कोतवाली पहुंची। इस अचानक हुई कार्रवाई से तहसील के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि एंटी करप्शन टीम की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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