घाटी में अब उंगलियों पर गिने जा सकते हैं आतंकी, सेना प्रमुख बोले- ऑपरेशन महादेव ने तोड़ी पाक की कमर
Sandesh Wahak Digital Desk: थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के हालातों पर अपनी रिपोर्ट पेश की। उन्होंने साफ किया कि कश्मीर में स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और आतंकियों की भर्ती लगभग शून्य हो गई है। जनरल द्विवेदी ने बताया कि साल 2025 सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलताओं वाला रहा।
31 आतंकी ढेर: पिछले साल ऑपरेशन महादेव के तहत 31 आतंकवादी मारे गए, जिनमें से 65% पाकिस्तानी थे। इसमें पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड भी शामिल थे।
सिंगल डिजिट में आतंकी: घाटी में अब सक्रिय स्थानीय आतंकियों की संख्या दहाई का आंकड़ा (10) भी पार नहीं कर पा रही है। यह जम्मू-कश्मीर के लिए एक बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव है।
बदलता माहौल: 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की सुरक्षित अमरनाथ यात्रा और रिकॉर्ड पर्यटन इस बात का सबूत है कि कश्मीर अब टेररिज्म से टूरिज्म की ओर बढ़ चुका है।
पूर्वोत्तर, खासकर मणिपुर के हालातों पर सेना प्रमुख ने कहा कि सुरक्षा बलों की निष्पक्ष कार्रवाई से स्थिति सुधरी है।
सांस्कृतिक उत्सवों की वापसी: शिरुई लिली और संगाई जैसे उत्सवों का फिर से शुरू होना शांति का संकेत है।
म्यांमार सीमा पर चौकसी: म्यांमार में अस्थिरता को देखते हुए भारतीय सेना, असम राइफल्स और गृह मंत्रालय ने मिलकर एक ‘मल्टी-एजेंसी सुरक्षा ग्रिड’ बनाया है, ताकि सीमा पार से कोई गड़बड़ी न हो सके।
संकट में फर्स्ट रिस्पॉन्डर है भारतीय सेना
सेना प्रमुख ने आपदाओं के समय सेना की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि साल 2025 में सेना ने 10 राज्यों और 2 पड़ोसी देशों में आपदा राहत अभियान चलाकर 30,000 से अधिक लोगों की जान बचाई। पंजाब में आई बाढ़ के दौरान पटियाला में हेलीकॉप्टर के जरिए सीआरपीएफ जवानों को बचाने का कारनामा सेना की त्वरित कार्यप्रणाली का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने गर्व से कहा कि सेना अक्सर औपचारिक अनुरोध का इंतजार किए बिना ही बचाव कार्य शुरू कर देती है, जिससे वह देश की नेचुरल फर्स्ट रिस्पॉन्डर बन गई है।
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