‘न्याय कैसे होता है अपनी विधायक से पूछिए’, सदन में विपक्ष पर भड़के सीएम योगी

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने चिर-परिचित तेवर में नजर आए। नेता प्रतिपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर करारा हमला बोला। सीएम योगी ने पूर्व विधायक पूजा पाल के साथ हुए अन्याय का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष की घेराबंदी की और कहा कि जो पार्टी अपनी सदस्य को न्याय नहीं दिला सकी, वह सामाजिक न्याय की बात कैसे कर सकती है?

“माफिया के सामने झुकना आपकी मजबूरी थी”

मुख्यमंत्री ने सपा के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या पूजा पाल उस पीडीए का हिस्सा नहीं थीं? उन्होंने कहा, “पूजा पाल आपकी पार्टी की सदस्य थीं, लेकिन आप उन्हें न्याय दिलाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए क्योंकि माफिया के सामने झुकना आपकी राजनीतिक मजबूरी थी। आप एक गरीब बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे।”

अतीक अहमद और राजू पाल हत्याकांड का जिक्र

सीएम योगी ने साल 2005 के राजू पाल हत्याकांड की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में सपा की सरकार थी और अपराधियों को संरक्षण प्राप्त था। दशकों तक पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटकता रहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने “मिट्टी में मिला दूंगा” के संकल्प के साथ अतीक अहमद के साम्राज्य का पतन सुनिश्चित किया और उमेश पाल हत्याकांड के बाद अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की।

न्याय नारों से नहीं, नीयत से मिलता है

सदन को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को दोहराया। उन्होंने कहा बेटी चाहे सत्ता पक्ष की हो या विपक्ष की, सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने खुद विजमा यादव को बुलाकर सुरक्षा का भरोसा दिया था। जब व्यापारी, बेटी और आम नागरिक सुरक्षित महसूस करते हैं, तभी विकास संभव है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि किसने माफियाओं को पाला और किसने उनका अंत किया।

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