असम के कार्बी आंगलोंग में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, उपद्रवियों ने CEM के घर में लगाई आग, कर्फ्यू लागू
Sandesh Wahak Digital Desk: असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले में चराई भूमि (VGR और PGR) से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो उठा है। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि प्रशासन को सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके में कर्फ्यू (BNS की धारा 163) लागू करना पड़ा है। इस हिंसा में कई लोगों के घायल होने की खबर है।
यह विवाद काफी पुराना है। स्थानीय प्रदर्शनकारी व्यावसायिक चराई आरक्षित (PGR) और ग्राम चराई आरक्षित (VGR) भूमि से उन लोगों को बेदखल करने की मांग कर रहे हैं, जिन्हें वे अवैध कब्जाधारी मान रहे हैं। रविवार, 22 दिसंबर को प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और उन्होंने कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (KAAC) के मुख्य कार्यकारी सदस्य (CEM) तुलीराम रोंगहांग के पैतृक आवास को आग के हवाले कर दिया।
घटनास्थल पर हालात काबू में करने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शनकारियों ने 3 बाइकों में आग लगा दी और एक स्कूल बस को भी नुकसान पहुँचाया। जब भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू किया, तो आत्मरक्षा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। इस झड़प में तीन प्रदर्शनकारियों समेत कुछ सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट निरोला फांगचोपी ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अगले आदेश तक सख्त नियम लागू कर दिए हैं।
रात का कर्फ्यू: शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक निजी वाहनों और लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक है।
समूह में जुटने पर पाबंदी: 5 या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने पर प्रतिबंध है।
रैलियों और पोस्टरों पर रोक: किसी भी प्रकार के धरने, मशाल जुलूस, भड़काऊ पोस्टर या दीवार लेखन पर पूरी तरह मनाही है। (नोट: मेडिकल इमरजेंसी, स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तरों को इन प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है।)
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