UP में यूनानी डॉक्टरों का उत्पीड़न रोकने के लिए लामबंद हुआ एसोसिएशन, निदेशक को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग

Lucknow News: उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में यूनानी पद्धति के चिकित्सकों के साथ हो रही कथित उत्पीड़न की कार्रवाइयों को लेकर बीयूएमएस (BUMS) डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताया है। इस मुद्दे पर एसोसिएशन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार के यूनानी सेवाएं निदेशक, प्रोफेसर जमाल अख्तर से मुलाकात की और उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में यूनानी डॉक्टर समाज के गरीब और पिछड़े तबके की सेवा कर रहे हैं। कई डॉक्टर तो मुफ्त या बेहद कम फीस में इलाज कर रहे हैं। इसके बावजूद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालयों द्वारा जांच के नाम पर डॉक्टरों को परेशान किया जा रहा है। क्लीनिकों पर छापेमारी और बेवजह के नोटिस जारी करना अब आम बात हो गई है।

अंबेडकरनगर का मामला बना चर्चा का विषय

एसोसिएशन ने विशेष रूप से जनपद अंबेडकरनगर का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां के सीएमओ ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर यूनानी चिकित्सकों के लिए कार्यालय में अनिवार्य रजिस्ट्रेशन का पत्र जारी किया है। एसोसिएशन का दावा है कि यह कदम पूरी तरह अवैध है और केवल डॉक्टरों को प्रताड़ित करने का एक जरिया बन गया है।

एसोसिएशन की प्रमुख मांगें

डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक के सामने अपनी तीन मुख्य मांगें रखी हैं। 1 जनवरी, 2025 से अब तक विभिन्न जिलों में सीएमओ द्वारा यूनानी डॉक्टरों पर की गई सभी कार्रवाइयों की विस्तृत रिपोर्ट एक महीने के भीतर मंगवाई जाए। यूनानी निदेशालय इस गंभीर स्थिति से आयुष मंत्री, प्रमुख सचिव और महानिदेशक (आयुष) को अवगत कराए। स्वास्थ्य विभाग के जिन अधिकारियों ने शासनादेशों का उल्लंघन कर डॉक्टरों को नोटिस दिए हैं, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।

निदेशक प्रोफेसर जमाल अख्तर ने प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों को गंभीरता से सुना और इस मामले में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल हलीम, मीडिया प्रभारी डॉ. अशफ़ाक़ अहमद और कोषाध्यक्ष अनीस सिद्दीकी प्रमुख रूप से शामिल रहे।

Also Read: ‘चोटी खींचना महापाप है, इसका हिसाब ऊपर होगा’, शंकराचार्य विवाद पर ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान

Get real time updates directly on you device, subscribe now.