अटल बिहारी वाजपेयी: सीतापुर में तीन दिवसीय जन्म शताब्दी समारोह का आयोजन
मिश्रिख (सीतापुर): भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर नैमिषारण्य के सत्संग भवन में तीन दिवसीय भव्य समारोह आयोजित किया गया। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से ‘रवींद्रनाथ टैगोर ग्रामोत्थान एवं शिक्षा प्रसार संस्थान’ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अटल जी के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके जीवन दर्शन को याद किया गया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को बनाया सशक्त: अशोक रावत
मुख्य अतिथि अशोक रावत ने अटल जी को याद करते हुए कहा कि वे एक ऐसे कुशल नेता और कूटनीतिज्ञ थे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मस्तक ऊंचा किया। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व और उनकी कूटनीतिक सूझबूझ ने विभिन्न देशों के साथ भारत के संबंधों को नई दिशा दी। उनका जीवन और विचार आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का अटूट स्रोत हैं।

साहित्य, कला और नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए जीवन दर्शन
समारोह में अटल जी के जीवन के विभिन्न पहलुओं को कला और साहित्य के माध्यम से जीवंत किया गया।
जगदीप शुक्ल ‘अंचल’, शिव किशोर तिवारी ‘खंजन’ और उन्नति शर्मा जैसे प्रसिद्ध कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी कविताओं में वही देशभक्ति और सामाजिक सरोकार झलके, जो अटल जी की कविताओं की विशेषता थी।
अमित दीक्षित की टीम ने एक विशेष नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें अटल जी के बाल्यकाल, विद्यार्थी जीवन, आरएसएस से जुड़ाव, कारगिल युद्ध और लोकसभा में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषणों का सजीव चित्रण किया गया।
वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान
इस गरिमामयी अवसर पर समाज के 101 वरिष्ठ नागरिकों को अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। संस्था के अध्यक्ष फलेश कुमार बाजपेई ने अटल जी के ग्वालियर से कानपुर तक के सफर और तीन बार प्रधानमंत्री बनने के उनके ऐतिहासिक कार्यकाल पर चर्चा की।
प्रमुख संतों और गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करने के लिए स्वामी शस्वतानंद महाराज, महंत नारायण दास महाराज और विमलानंद सरस्वती सहित कई प्रमुख संत उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय भार्गव, सभासद रौनक तिवारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
रिपोर्ट: संदीप

