अयोध्या मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल, हफ्ते भर से थायराइड और शुगर की जांच ठप
Ayodhya News: अयोध्या का राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज इन दिनों अव्यवस्थाओं का केंद्र बन गया है। योगी सरकार के दावों के उलट, यहाँ आने वाले मरीजों को बुनियादी जांच सुविधाओं के लिए भी निजी पैथोलॉजी की शरण लेनी पड़ रही है। पिछले एक सप्ताह से थायराइड की जांच बंद थी, लेकिन अब संकट इतना गहरा गया है कि ब्लड शुगर (HbA1c) और इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे महत्वपूर्ण टेस्ट भी ठप हो गए हैं।
अस्पताल की लैब में रीजेंट (केमिकल) खत्म होने या तकनीकी खराबी के कारण जांचें बंद हैं। इसका सीधा असर गरीब मरीजों की जेब पर पड़ रहा है। अनीश नाम के एक तीमारदार ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, मेरी माँ को थायराइड की समस्या है, लेकिन 8 दिनों से अस्पताल में टेस्ट ही नहीं हो रहा। डॉक्टर पुरानी रिपोर्ट देखकर दवा लिख रहे हैं, जिससे हमें डर लग रहा है कि कहीं मर्ज बढ़ न जाए। यही हाल डायबिटीज के मरीजों का है, जो HbA1c टेस्ट न होने की वजह से अपनी बीमारी का सही अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के भीतर केवल मशीनें ही नहीं, बल्कि इंसानी रिश्ते भी तनाव में हैं। कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली से यहाँ के चिकित्सक भी खासे नाराज हैं।
जूनियर रेजिडेंट्स का दर्द: मेडिसिन विभाग के तीन जूनियर डॉक्टरों ने प्रशासन पर प्रताड़ना और काम के बोझ का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि असहयोगी रवैये की वजह से उनका मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ रहा है।
प्रोफेसर ने खोला मोर्चा: एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अवधेश कुमार ने भी लिखित शिकायत देकर विभाग में हो रहे पक्षपात और प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाई है। डॉक्टरों का कहना है कि जब मनोबल ही टूट जाएगा, तो वे मरीजों का इलाज कैसे करेंगे?
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