Ayodhya News: अवध विश्वविद्यालय में शुरू हुआ वायु गुणवत्ता निगरानी का प्रशिक्षण
Ayodhya News: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग में परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी परियोजना के अंतर्गत चयनित युवाओं का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रायोजित है, जिसका उद्देश्य अंबेडकर नगर, गोंडा, बहराइच और श्रावस्ती जिलों में वायु प्रदूषण की स्थिति का लगातार वैज्ञानिक मूल्यांकन करना है।
व्यावहारिक अनुभव भी दिया जा रहा
परियोजना के लिए चार शोध सहायक और सोलह क्षेत्र सहायक चुने गए हैं। चयन पूरी तरह से पारदर्शी और योग्यता आधारित रहा। अब प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को वायु गुणवत्ता मापने वाले यंत्रों का संचालन, नमूना संग्रहण, डेटा विश्लेषण और प्रदूषकों की पहचान जैसी तकनीकी जानकारियां दी जा रही हैं। खासतौर पर पीएम 10, पीएम 2.5, सल्फर ऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे प्रदूषकों की जांच की विधियों का अभ्यास कराया जा रहा है। साथ ही उपकरणों की देखभाल और फील्ड सर्वेक्षण का व्यावहारिक अनुभव भी दिया जा रहा है।

परियोजना प्रभारी और पर्यावरण विज्ञान विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि यह पहल पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे बनने वाला डेटा भविष्य में प्रदूषण नियंत्रण नीतियों, जनजागरूकता और पर्यावरण प्रबंधन की दिशा तय करने में मदद करेगा। डॉ. चौधरी ने कहा कि यह परियोजना न सिर्फ विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध क्षमताओं को नई दिशा देगी, बल्कि छात्रों को रोजगार और शोध के अवसर भी उपलब्ध कराएगी। चयनित युवाओं को जो अनुभव मिलेगा, वह उनके करियर निर्माण में सहायक होगा।
असली तस्वीर सामने लाएगा
पर्यावरण विज्ञान विभाग का यह प्रयास विश्वविद्यालय की साख बढ़ाने के साथ-साथ समाज को भी स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण की ओर प्रेरित करेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम इस दीर्घकालिक परियोजना के सफल क्रियान्वयन की दिशा में एक अहम कदम है, जो आने वाले समय में चारों जिलों की वायु गुणवत्ता की असली तस्वीर सामने लाएगा।
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