Ayodhya News: मिल्कीपुर के 100 शैय्या अस्पताल में डॉक्टर नदारद, मरीज राम भरोसे

Ayodhya News: अयोध्या जनपद के कुमारगंज स्थित सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में एक बार फिर डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई है। बुधवार को सीने में तेज दर्द से तड़प रहे एक 65 वर्षीय बुजुर्ग मरीज को घंटों तक इमरजेंसी वार्ड में इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा, क्योंकि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर नदारद थे। इस दौरान फार्मासिस्ट ने मरीज को प्राथमिक उपचार तो दिया, लेकिन डॉक्टर की अनुपस्थिति से मरीज की जान जोखिम में पड़ गई।

घंटों तक नहीं पहुंचे डॉक्टर

गाजनपुर निवासी रामानुज सिंह बुधवार दोपहर करीब 2 बजे सीने में तेज दर्द के साथ अस्पताल पहुंचे। वहां इमरजेंसी में कोई डॉक्टर नहीं था। उनकी कराह सुनकर फार्मासिस्ट ने उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया और उनका ब्लड प्रेशर और ईसीजी चेक किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। दोपहर 3:15 बजे तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। फार्मासिस्ट ने मरीज की जान को जोखिम में डालते हुए दो इंजेक्शन लगाकर इति श्री कर लिया।

मरीजों को हो रही भारी परेशानी

मरीज रामानुज सिंह ने बताया कि वह अपने रिश्तेदार से मिलने आए थे और वापस लौटते समय उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द उठा, जिसके बाद वह जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचे। वहीं, एक अन्य तीमारदार ने बताया कि वह अपनी पत्नी को कूल्हे के दर्द के इलाज के लिए लेकर आए थे, लेकिन यहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं है।

अधीक्षक ने दी सफाई

अस्पताल में डॉक्टरों की इस मनमानी से मरीजों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वे अक्सर ओपीडी और इमरजेंसी की ड्यूटी छोड़कर गायब हो जाते हैं। इस मामले में जब अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर रवि पांडे से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि दूसरे डॉक्टर को सूचना दे दी गई है और वह रास्ते में ही होंगे। उनके जवाब के करीब 15 मिनट बाद डॉ. संतोष सिंह अस्पताल पहुंचे और मरीज का इलाज शुरू हो सका। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं और डॉक्टरों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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