Ayodhya News: रामनगरी अयोध्या में नया इतिहास! मंदिर के चारों द्वार अब महान संतों के नाम पर
Ayodhya News: राम की नगरी अयोध्या एक बार फिर भक्ति और संस्कृति की रोशनी से जगमगा उठी है। श्रीराम मंदिर के चार प्रमुख द्वार अब भारत के चार महान संतों के नाम से जाने जाएंगे। ये सिर्फ नाम नहीं हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक एकता के वो स्तंभ हैं, जो पूरे देश को एक सूत्र में पिरोते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस ऐतिहासिक पहल की घोषणा करते हुए कहा कि ये बदलाव उत्तर और दक्षिण भारत की आत्माओं को जोड़ने वाला कदम है।
कौन से द्वार किस संत के नाम हुए?
- दक्षिण द्वार – जगद्गुरु शंकराचार्य
- दक्षिण-पूर्व द्वार (गेट नंबर 3) – जगद्गुरु माधवाचार्य
- उत्तर द्वार – जगद्गुरु रामानुजाचार्य
- सुग्रीव किला मार्ग से प्रवेश द्वार – जगद्गुरु रामानंदाचार्य
इन चारों संतों ने अपने-अपने समय में भारतीय दर्शन, भक्ति और सामाजिक समरसता को नई दिशा दी।
भक्ति की त्रिवेणी: दक्षिण के तीन संतों की प्रतिमाएं भी स्थापित
अयोध्या में भक्ति का माहौल और भी पावन हो गया जब बृहस्पति कुंड पर दक्षिण भारत के तीन महान संगीत संतों की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन प्रतिमाओं का अनावरण किया।
- त्यागराज स्वामीगल – जिन्होंने श्रीराम के लिए हजारों भक्ति गीत रचे, तेलुगु भाषा में।
- पुरंदरदास – हरिदास संप्रदाय के संत, भक्ति आंदोलन के अग्रदूत और कर्नाटक संगीत के जनक।
- अरुणाचल कवि – तमिल में रामनाटकम् की रचना कर रामकथा को घर-घर पहुंचाने वाले।
योगी आदित्यनाथ ने भावुक होकर कहा, “इन संतों की प्रतिमाएं रामलला के चरणों में स्थापित होना, उत्तर-दक्षिण की भक्ति एकता का जीवंत प्रतीक है।”
‘राम लला हम आएंगे’ से ‘रामलला के चरणों में’ तक
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि रामजन्मभूमि आंदोलन के समय दक्षिण भारत से हजारों रामभक्त अयोध्या आए थे। आज उसी भक्ति का प्रतिफल है कि दक्षिण भारत के संतों की छाया श्रीराम के दरबार तक पहुंची है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘काशी-तमिल संगमम’ की बात करते हुए कहा कि अब अयोध्या में भी “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना मूर्त रूप ले रही है।
निर्मला सीतारमण की मौजूदगी बनी खास
कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी ने माहौल को और गरिमा दी। योगी आदित्यनाथ ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने जीएसटी में जो सुधार किए हैं, वो देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता की नींव बनेंगे।
“हम अयोध्या को भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिकता का ऐसा केंद्र बनाना चाहते हैं, जहां देश के हर कोने से श्रद्धालु आएं और रामभक्ति की धारा में एक हो जाएं।”
योगी आदित्यनाथ,मुख्यमंत्री यूपी
इस कार्यक्रम में कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से आए सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। चारों ओर ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी नारों ने माहौल को भक्ति से भर दिया।
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