Ayodhya News: अवध विवि में शिक्षक दिवस पर गुरु-शिष्य परंपरा का स्मरण कर शिक्षकों का हुआ सम्मान

Ayodhya News: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने गुरु-शिष्य परंपरा को याद किया और शिक्षा के महत्व पर अपने विचार रखे।

संस्कृति और आस्था की धरोहर

समन्वयक प्रो. अनूप कुमार ने कहा कि अयोध्या सदियों से ज्ञान, संस्कृति और आस्था की धरोहर रही है। यहां की गुरु-शिष्य परंपरा ने समाज को नई दिशा और प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा, “शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि जीवन को संस्कार और मूल्यों से जोड़ना है। शिक्षक ही वह शक्ति है जो अज्ञान के अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाता है।”

डॉ. विजयेन्दु चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों को सम्मान देने का अवसर नहीं है, बल्कि यह दिन छात्रों और शिक्षकों के बीच पवित्र रिश्ते को और मजबूत बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, अनुशासन और आदर्श जीवन अपनाने का आह्वान किया।

जीवन में अच्छे संस्कार अपनाएं

कार्यक्रम में डॉ. राजनरायण पांडेय ने रामनगरी की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु वशिष्ठ और गुरु विश्वामित्र जैसे आचार्यों ने शिष्यों को धर्म, नीति और आदर्श जीवन की शिक्षा दी। उनका मानना था कि “शिक्षक का वास्तविक सम्मान तभी है जब विद्यार्थी शिक्षा को सही अर्थों में समझें और जीवन में अच्छे संस्कार अपनाएं।”

कार्यक्रम का संचालन शगुन जायसवाल और कामिनी चौरेसिया ने किया। धन्यवाद ज्ञापन अनुश्री ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अक्श, श्रेया, सृष्टि, निहारिका, मानसी, हर्षिता, विश्वनाथ, रिंका, दीपगोपाल, नीरज, शिवांश, अर्पिता, प्रिंस, निलेश्वर, अभिनव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।

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