Ayodhya News: रैगिंग एक गंभीर अपराध, कुलानुशासक ने छात्रों को किया सावधान
Ayodhya News: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में नवप्रवेशित छात्रों के लिए चल रहे ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम के तहत, गणित एवं सांख्यिकी विभाग में ‘पॉजिटिव थिंकिंग और एंटी-रैगिंग’ विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में विश्वविद्यालय के विज्ञान संकायाध्यक्ष और कुलानुशासक प्रो. एस.एस. मिश्र ने छात्रों को रैगिंग के गंभीर परिणामों के बारे में बताया।
‘रैगिंग से बचें, यह एक संज्ञेय अपराध है’
प्रो. मिश्र ने छात्रों को चेतावनी देते हुए कहा कि रैगिंग एक संज्ञेय अपराध है और इसमें दोषी पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि दोषी छात्रों पर आर्थिक दंड, निश्चित समय के लिए निलंबन, या यहाँ तक कि नामांकन रद्द करने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है। उन्होंने छात्रों से अनुशासन में रहकर सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील की।
प्रो. मिश्र ने ‘पॉजिटिव थिंकिंग’ को गणितीय रूप से समझाते हुए कहा कि व्यक्ति के संपूर्ण व्यक्तित्व के निर्माण में भावनात्मक, आध्यात्मिक और बौद्धिक गुणों का महत्वपूर्ण योगदान होता है।

‘स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का वास’
इसी कार्यक्रम में सहायक आचार्य अनुराग सोनी ने ‘योग द्वारा व्यक्तित्व विकास’ पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि योग अपनाकर हम न केवल अच्छा स्वास्थ्य, बल्कि एक अच्छा व्यक्तित्व भी पा सकते हैं। उन्होंने बताया कि ‘स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है’। आजकल की व्यस्त जीवनशैली के कारण बढ़ रहे तनाव, अवसाद और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों को दूर करने के लिए तनाव प्रबंधन के उपाय अपनाना जरूरी है।
अनुराग सोनी ने छात्रों से अपने लक्ष्य के प्रति जागरूक रहने और समय का सही प्रबंधन करने की सलाह दी। उन्होंने अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और ध्यान जैसे प्राणायामों को एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
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