Ayodhya News: निगम ने अयोध्या परिक्षेत्र में 49 महिला बस परिचालकों का किया चयन
Ayodhya News: महिलाओं के लिए रोजगार और सशक्तिकरण की दिशा में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने एक और सराहनीय पहल की है। निगम ने अयोध्या परिक्षेत्र में 49 महिला बस परिचालकों का चयन किया है। यह कदम न केवल महिला रोजगार को बढ़ावा देने वाला है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन को और सुरक्षित व विश्वसनीय बनाने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
चयनित परिचालकों में सबसे अधिक 21 महिलाएं अयोध्या डिपो के लिए चुनी गई हैं। निगम की ओर से चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी को औपचारिक रूप से सूचना भेज दी गई है। अब आगे की प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और फिर महिलाओं की नियुक्ति उनके गृह जनपद में की जाएगी। इस कदम से स्थानीय स्तर पर महिलाओं को रोजगार मिलेगा और उन्हें अपने परिवार के पास रहते हुए काम करने का अवसर भी प्राप्त होगा।
महिलाओं को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने का मौका
परिवहन निगम का मानना है कि महिला बस परिचालकों की तैनाती से महिलाओं को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। वहीं दूसरी ओर, बसों में सफर करने वाले यात्रियों, विशेषकर महिला यात्रियों को भी सुरक्षा और सहजता का अनुभव होगा। लंबे समय से यह मांग उठती रही थी कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए, ताकि महिला यात्रियों का विश्वास और सुविधा दोनों में इज़ाफा हो।
यह पहला मौका नहीं है जब निगम ने महिला परिचालकों की भर्ती की है। इससे पहले भी निगम 97 महिला परिचालकों को नियुक्त कर चुका है, जिनमें से लगभग 50 फ़ीसदी महिलाएं वर्तमान में सेवा दे रही हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही हैं और अब और अधिक महिलाओं को यह अवसर देकर निगम ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया है।
महिलाओं को अधिक से अधिक रोजगार से जोड़ा जाए
निगम के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में महिला बस परिचालकों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। सरकार और परिवहन विभाग की प्राथमिकता है कि महिलाओं को अधिक से अधिक रोजगार से जोड़ा जाए और उन्हें सुरक्षित व सम्मानजनक कार्य वातावरण दिया जाए।
अयोध्या समेत प्रदेश के अन्य डिपो में महिला परिचालकों की तैनाती से एक नई तस्वीर सामने आएगी, जहां महिलाएं सार्वजनिक परिवहन की कमान संभालती दिखेंगी। यह पहल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की ओर बड़ा कदम है, बल्कि समाज में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को भी रेखांकित करती है।
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