आजमगढ़: पिता की मौत के 11 साल बाद भी नहीं हुआ वरासत दर्ज, न्याय के लिए भटकने को बेटे मजबूर

आजमगढ़, मुबारकपुर: नगर पालिका परिषद मुबारकपुर में उत्तराधिकार (वरासत) के मामले में भारी लेटलतीफी सामने आई है। वार्ड नंबर-21, पूरा दिवान के निवासी सतीश चन्द्र वर्मा और हरिश्चन्द्र वर्मा अपने पिता की मृत्यु के लगभग ग्यारह साल बाद भी नगर पालिका के रिकॉर्ड में अपना नाम बतौर वारिस दर्ज नहीं करवा पाए हैं।

पीड़ित

पीड़ित दोनों भाइयों ने न्याय के लिए नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को औपचारिक आवेदन दिया है। हैरानी की बात तो ये हैं कि इस आवेदन पत्र पर अधिशाषी अधिकारी ने आदेश भी जारी कर दिया। लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

क्या है मामला?

सतीश चन्द्र वर्मा और हरिश्चन्द्र वर्मा के पिता स्वर्गीय रमाशंकर प्रसाद वर्मा का निधन 19 अगस्त 2014 को हुआ था। भाइयों का कहना है कि पिता की मृत्यु के बाद से ही वे संपत्ति या रिकॉर्ड में वारिसन के रूप में अपना नाम दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नगर पालिका के रिकॉर्ड में अभी तक उनके नाम दर्ज नहीं हो पाए हैं।

उन्होंने अधिशासी अधिकारी से निवेदन किया है कि उनके नामों को नियमानुसार वरासत में दर्ज करने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

पीड़ितों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे लंबित मामलों पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। उनका आरोप है कि यह मामला दर्शाता है कि नगर पालिका रिकॉर्ड में उत्तराधिकार संबंधी कागज़ात को अपडेट करने में अनावश्यक देरी हो रही है, जिससे नागरिकों को अपने कानूनी अधिकारों के लिए अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

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