Azamgarh: जर्जर सड़कों के विरोध में ‘किसान मज़दूर अधिकार पदयात्रा’, कहा- मांगें नहीं मानी तो निकालेंगे ‘भीख यात्रा’
Sandesh Wahak Digital Desk: आजमगढ़ जिले के निज़ामाबाद की जर्जर सड़कों को बनाने की मांग को लेकर शनिवार, 16 अगस्त, 2025 को शिवली से निज़ामाबाद तक ‘किसान मज़दूर अधिकार पदयात्रा’ निकाली गई। इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने आजमगढ़ से बेलवाई मार्ग के चौड़ीकरण और शिवली से निज़ामाबाद व लाहीडीह से माहुल तक की खराब सड़कों को ठीक करने की मांग उठाई। इस दौरान शिवली, रानीपुर, अल्लीपुर और निज़ामाबाद सहित कई जगहों पर नुक्कड़ सभाएं भी हुईं।
पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे मैग्सेसे पुरस्कार विजेता डॉ. संदीप पांडेय ने कहा कि दशकों से सड़कों का निर्माण न होने का स्पष्ट कारण है कि जनप्रतिनिधियों और विभागों ने जनता की फिक्र छोड़ दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े हाईवे में बड़े कमीशन की बंदरबांट हो रही है, तो किसे गांव के आम लोगों की फिक्र होगी।
‘निज़ामाबाद की जनता के लिए पैसा नहीं रह गया है क्या?’
सोशलिस्ट किसान सभा के महासचिव राजीव यादव ने कहा कि अगर जर्जर सड़कें नहीं बनीं तो ‘भीख यात्रा’ निकाली जाएगी। उन्होंने कहा, “यह भीख यात्रा सवाल करेगी कि क्या विधायक निधि, सांसद निधि और सरकार के खजाने में निज़ामाबाद की जनता के लिए पैसा नहीं रह गया है।” सोशलिस्ट किसान सभा, पूर्वांचल किसान यूनियन और एनएपीएम द्वारा आयोजित इस पदयात्रा के दौरान मनरेगा, नहर और बिजली-पानी जैसे मुद्दों पर भी बात की गई।
इस पदयात्रा में संतोष कुमार धरकार, सुरेश राठौड़, वीरेंद्र यादव, श्याम सुंदर मौर्या, राज शेखर, अधिवक्ता विनोद यादव और अवधेश यादव सहित कई प्रमुख लोग शामिल थे।


