Azamgarh News: बिना मान्यता चल रहे करियर प्वाइंट स्कूल पर पड़ा छापा, शिक्षा विभाग ने की कक्षाएं सील
Sandesh Wahak Digital Desk: आज़मगढ़ जिले में शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ कर रहे अवैध स्कूलों पर शिक्षा विभाग की सख्ती शुरू हो गई है।
शनिवार को सिधारी थाना क्षेत्र में सेनमैक्स सिनेमा हॉल के सामने स्थित करियर प्वाइंट पब्लिक स्कूल पर शिक्षा विभाग की टीम ने पुलिस बल के साथ छापा मारा, जहां स्कूल को बिना मान्यता के संचालित करते पाया गया।
कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे सह जिला विद्यालय निरीक्षक (ADIOS) वीरेंद्र प्रताप सिंह ने मौके पर ही स्कूल में चल रही सभी कक्षाओं को तत्काल प्रभाव से सील करवा दिया।
टीम ने पाया कि स्कूल लंबे समय से बिना वैध अनुमति के नाबालिग बच्चों को शिक्षित कर रहा था।
पहले दी गई थी चेतावनी, फिर भी जारी रहा संचालन
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को पूर्व में मान्यता प्राप्त करने की चेतावनी दी थी, लेकिन प्रबंधन ने इसे नजरअंदाज कर गैरकानूनी रूप से संचालन जारी रखा।
विभाग की इस सख्त कार्रवाई ने जिले के अन्य अवैध रूप से चल रहे विद्यालयों में भी हड़कंप मचा दिया है।

ADIOS का सख्त संदेश
छापेमारी के बाद सह जिला विद्यालय निरीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा:
“बिना मान्यता के स्कूल चलाना शिक्षा अधिनियम का खुला उल्लंघन है। इस प्रकरण की जांच जारी है और दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
अभिभावकों से की गई अपील
शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को भी चेताया है कि वे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही दाखिला कराएं।
विभाग का मानना है कि ऐसे अवैध स्कूल न केवल कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
अब उठ रहे हैं अहम सवाल
इस कार्रवाई के बाद सवाल उठने लगे हैं कि:
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जिले में ऐसे कितने स्कूल अभी भी बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं?
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क्या शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई एक सतत अभियान के रूप में आगे बढ़ेगी या केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई बनकर रह जाएगी?
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क्या बाकी अवैध स्कूलों पर भी जल्द ही ऐसी ही सख्त कार्यवाही होगी?
जनता की निगाहें अब आगे की कार्रवाई पर

जनपद में कई स्कूल चमक-दमक और भारी विज्ञापनों के बीच, बिना कागजी पूर्ति के सालों से चलते आ रहे हैं।
अब जब शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की शुरुआत की है, तो लोग उम्मीद कर रहे हैं कि यह लंबे समय तक चलने वाला अभियान बने और शिक्षा के क्षेत्र में व्यवस्था और पारदर्शिता लौटे।
रिपोर्ट: राम अवतार उपाध्याय

