बागपत: बकरी पालन का पैसा दिलाने के नाम पर रिश्वत लेते बाबू गिरफ्तार, विभाग में मचा हड़कंप
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बागपत में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है। मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार को पशुपालन विभाग के एक लिपिक (बाबू) को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद विकास भवन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में कर्मचारी अपनी सीटें छोड़कर भागते नजर आए।
‘बकरी पालन’ योजना में मांगी गई थी घूस
पूरी घटना बिनौली ब्लॉक के बरनावा गांव से जुड़ी है। गांव के रहने वाले सतीश ने करीब छह महीने पहले बकरी पालन योजना के तहत आवेदन किया था। इस योजना में सरकार की ओर से 49 हजार रुपये का अनुदान मिलता है।
सतीश का आवेदन स्वीकृत तो हो गया, लेकिन विभाग में तैनात कनिष्ठ लिपिक (Junior Clerk) अश्वनी कुमार ने इसे पास कराने के बदले 12 हजार रुपये की मांग शुरू कर दी। बाबू ने सतीश को डराया कि अगर पैसे नहीं दिए, तो उसकी अनुदान राशि वापस भेज दी जाएगी।
फोन पर बार-बार दबाव, फिर सतीश ने बिछाया जाल
सतीश ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो सौदा 5 हजार रुपये पर तय हुआ। बाबू अश्वनी कुमार बार-बार फोन कर पैसे मांग रहा था। परेशान होकर सतीश ने मेरठ की एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। टीम ने बाबू को रंगे हाथ पकड़ने के लिए एक फुलप्रूफ योजना बनाई।
कैंटीन में चाय की चुस्की के साथ पकड़ा गया रिश्वतखोर
योजना के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर सतीश ने बाबू को फोन किया। बाबू ने उसे विकास भवन की कैंटीन में पैसे लेकर बुलाया। जैसे ही बाबू अश्वनी कुमार ने सतीश से केमिकल लगे हुए 5 हजार रुपये थामे, वैसे ही सादे कपड़ों में तैनात एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। टीम ने बाबू के हाथ धुलवाए, तो वे गुलाबी हो गए। इसके बाद टीम उसे गाड़ी में बैठाकर सीधे कोतवाली ले गई।
पुलिस के हवाले आरोपी, मुकदमा दर्ज
एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कोतवाली में तहरीर दी गई है। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और विभाग को भी इसकी सूचना दे दी गई है।
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