Bahraich News: भारत-नेपाल सीमा पर ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश, 5 तस्कर गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी पर एक बार फिर से बड़ा पर्दाफाश हुआ है। नेपाल के बांके और सुर्खेत जिलों की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में मादक द्रव्यों की तस्करी में लिप्त पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इस छापेमारी में 30 किलो से ज्यादा अफीम और करीब 13 लाख नेपाली रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं।

नेपाल पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया है कि वे इस अफीम को भारतीय सीमा के भीतर पहुंचाने की तैयारी कर रहे थे। इससे साफ है कि नेपाल और भारत के तस्करों के बीच मजबूत गठजोड़ काम कर रहा है।

महिला तस्कर के सुराग से खुला पूरा मामला

सुर्खेत जिले के एसपी सुधीर राज शाही और डीएसपी मोहनजंग बूढ़ा थापा ने बताया कि सबसे पहले वीरेंद्रनगर नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 की रहने वाली दिलमाया सिंह ठकुरी को उस समय पकड़ा गया, जब वह नेपाली बाजार में नकली नोट चलाने की कोशिश कर रही थी। मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।

उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से 19 किलो 325 ग्राम अफीम और करीब 12.5 लाख नेपाली रुपये के जाली नोट बरामद किए। इसके बाद पुलिस ने बांके जिले के कोहलपुर में मन बहादुर नामक व्यक्ति के घर पर भी छापा मारा, जहां से 11 किलो 372 ग्राम अफीम और 51 हजार नेपाली रुपये के नकली नोट बरामद हुए।

गिरफ्तार किए गए तस्करों के पास से भारी मात्रा में सामान जब्त

पुलिस और मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो की संयुक्त टीम ने इस मामले में राम बहादुर सिंह, दिलमाया सिंह ठकुरी, प्रेम बहादुर बिक, कृष्ण बहादुर बली (सभी निवासी जाजरकोट) और मन बहादुर सहकारी (निवासी कोहलपुर, बांके) को गिरफ्तार किया है।

इनके पास से 30 किलो से ज्यादा अफीम, 13 लाख रुपये के नकली नोटों के अलावा नोट छापने वाला प्रिंटर, सीपीयू, मॉनिटर, कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है।

भारत से जुड़े नेटवर्क की जांच जारी

एसपी शाही ने बताया कि सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और गिरोह के भारत में फैले नेटवर्क की जानकारी इकट्ठा की जा रही है। पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि ये तस्कर नेपाल के बांके और बर्दिया जिलों से सटे भारत-नेपाल सीमा तक अफीम पहुंचाते थे, जहां से भारतीय तस्कर इसे खरीद लेते थे।

पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क की जड़ें उत्तर प्रदेश और बिहार तक फैली हो सकती हैं। नेपाल के डीएसपी और पुलिस प्रवक्ता दीपक पातली ने बताया कि जांच अभी जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि इन दिनों चरस, अफीम और गांजा जैसी नशीली चीजें नेपाल के बांके और बर्दिया जिलों में डंप की जा रही हैं और फिर इन्हें रुपईडीहा और बलईगांव के रास्ते भारत में भेजा जा रहा है। हालांकि, कई बार भारतीय सुरक्षा बल इन तस्करों को पकड़ने में कामयाब हो जाते हैं, लेकिन तस्करी का यह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क अब भी चुनौती बना हुआ है।

Also Read: Balrampur News: छांगुर से जुड़े 14 ठिकानों पर ED की छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग और…

Get real time updates directly on you device, subscribe now.