Bahraich News: वरासत के लिए नहीं काटने पड़े चक्कर, 24 घंटे में हाथों में आई खतौनी
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की कैसरगंज तहसील से सरकारी कार्यप्रणाली की एक ऐसी सुखद तस्वीर सामने आई है, जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। आम तौर पर वरासत (विरासत दर्ज कराने) के लिए हफ्तों तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन यहाँ प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से एक परिवार को मात्र 24 घंटे के भीतर खतौनी मिल गई।
क्या था मामला?
यह मामला राजस्व ग्राम कड़सर विटौरा का है। यहाँ के निवासी रामदास (पुत्र हरिप्रसाद) का हाल ही में निधन हो गया था। उनके पीछे वारिसों के रूप में उनकी पत्नी राजकाना, पुत्रवधू अल्पना सैनी और पौत्र अनुज कुमार का नाम दर्ज होना था। जिलाधिकारी बहराइच और उपजिलाधिकारी अखिलेश सिंह के कुशल मार्गदर्शन में इस मामले को प्राथमिकता दी गई।
बिना किसी शुल्क के मिली राहत
बुधवार, 14 जनवरी 2026 को तहसीलदार कैसरगंज के निर्देश पर क्षेत्रीय लेखपाल पवन चौहान ने मृतक की पुत्रवधू श्रीमती अल्पना सैनी को उनके घर जाकर निशुल्क प्रमाणित उद्धरण खतौनी सौंपी।
अल्पना सैनी ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि यह काम इतनी जल्दी हो जाएगा। उन्होंने कहा, “बिना किसी भाग-दौड़ और बिना एक भी रुपया खर्च किए मात्र 24 घंटे में हमें खतौनी मिल गई। प्रशासन का यह सहयोग हमारे लिए बड़ी राहत लेकर आया है।”
प्रशासन का संदेश: पारदर्शी और तेज सेवा
कैसरगंज तहसील की यह तत्परता दर्शाती है कि यदि इरादा नेक हो तो आम जनता को सरकारी दफ्तरों की जटिलताओं से बचाया जा सकता है। उपजिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कहा कि राजस्व प्रशासन का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को उनके हक के कागजात समय पर और बिना किसी बाधा के मिलें।
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