Bahraich News: सपा प्रतिनिधिमंडल ने दुष्कर्म पीड़िताओं से की मुलाकात, पूर्व मंत्री यासर शाह ने कही ये बात

Sandesh Wahak Digital Desk: बहराइच जनपद के सुजौली थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्चियों के साथ हुई सीरियल रेप की घटनाओं ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने इन गंभीर घटनाओं का संज्ञान लेते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल मौके पर भेजा है, ताकि पूरी रिपोर्ट तलब की जा सके।

इसी सिलसिले में, सपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कैसे बीते कुछ हफ्तों में एक के बाद एक पांच दिल दहला देने वाली वारदातें हुई हैं।

दर्दनाक घटनाओं का ब्योरा:

पहली घटना: 15 जून की शाम, सुजौली थाना क्षेत्र के एक गांव में 6 साल की बच्ची खेलते समय अगवा कर ली गई। उसके साथ दुष्कर्म कर उसे रात में गांव के बाहर फेंक दिया गया। स्थानीय पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन गंभीर रूप से घायल बच्ची का कोई मेडिकल नहीं कराया गया। मजबूरन, परिवार को अपनी बच्ची की जान बचाने के लिए निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।

दूसरी घटना: 25 जून को, इसी थाना क्षेत्र से पांच किलोमीटर दूर, 7 साल की एक अबोध बच्ची को घर के सामने से खेलते समय अगवा कर लिया गया। वह अगले दिन घायल अवस्था में मिली।

तीसरी घटना: 27 जून को, थाना क्षेत्र के एक अन्य गांव में, एक बच्ची को रात में सोते समय अगवा कर दुष्कर्म किया गया और फिर गांव के बाहर फेंक दिया गया।

चौथी घटना: 28 जून को, एक दलित परिवार की बेटी का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किया गया और उसे भी गांव के बाहर फेंक दिया गया।

पांचवीं घटना: थाना क्षेत्र से कुछ ही दूरी पर, स्कूल से लौटते समय 9 साल की एक छात्रा का अपहरण कर लिया गया। वह अगले दिन कारीकोट गांव के पास लावारिस हालत में मिली, जिसके शरीर पर चोट के निशान थे। पीड़ित परिवार ने 1090 पर शिकायत की और लिखित शिकायत भी दी, लेकिन इस घटना की अभी तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। दहशत में आया परिवार अपनी बेटी को लेकर बिहार अपने गांव पलायन कर गया है।

18 दिन के भीतर दुष्कर्म की पांच घटनाएं

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि महज 18 दिनों के भीतर दुष्कर्म और बलात्कार की ये पांच घटनाएं हुई हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस सोती रही और मासूम बच्चियों के साथ दुराचार होता रहा। आज घटनाओं को लगभग एक महीना हो चुका है, और पीड़ित बच्चियों की हालत अभी भी ठीक नहीं है। पीड़ित परिवारों में दो अनुसूचित जाति, एक लोनिया, एक मौर्या और एक अल्पसंख्यक परिवार शामिल हैं।

पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इन घटनाओं में केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पूरा गिरोह शामिल है। उनका आरोप है कि पुलिस इस गिरोह का पर्दाफाश नहीं कर रही है, क्योंकि पकड़ा गया व्यक्ति सत्ता से जुड़ा होने के कारण मामले को दबाया जा रहा है।

सपा प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे मौजूद

प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री यासर शाह, विधायक गौरव रावत और आनंद यादव, सपा जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव, पूर्व मंत्री बंशीधर बौद्ध, प्रदेश सचिव महेंद्र चौहान, पूर्व विधायक और लोकसभा क्षेत्र प्रत्याशी रमेश गौतम, तथा विधानसभा अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव शामिल रहे। इनके अलावा, महिला सभा की जिलाध्यक्ष मन्नू देवी, प्रदेश सचिव रेखा राव, जिला उपाध्यक्ष डॉ. आशिक अली, मिथिलेश यादव, सुनील यादव, मदन पहलवान, अंबिका प्रसाद चौहान, केके कुशवाहा, अनवर वारसी, शाह फैसल और पार्टी के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। पूर्व मंत्री यासर शाह ने इस अवसर पर कहा कि उनकी पार्टी मासूम बच्ची की शिक्षा और शादी का पूरा खर्च उठाएगी।

 

Also Read: Mathura: यमुना एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा, 6 लोगों की मौके पर मौत, कई घायल

 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.