बहराइच के युवाओं पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग की नजर? बाबा सिद्दीकी केस से जुड़ा कनेक्शन

Lawrence Bishnoi Gang: उत्तर प्रदेश के बहराइच में घाघरा नदी के किनारे बसे गांवों से रोजगार की तलाश में मुंबई और महाराष्ट्र के दूसरे शहरों में जाने वाले युवाओं को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आर्थिक तंगी से जूझ रहे कुछ युवाओं को पैसे कमाने और अपराध की दुनिया में पहचान बनाने का लालच देकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करने के लिए तैयार किए जाने की आशंका है। हालांकि, इस तरह के नेटवर्क की सक्रियता को लेकर जांच जारी है।

अक्टूबर 2024 में मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में बहराइच के छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस इलाके का नाम सामने आया था। अब अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर गैंग के हमले की खबर और सीतापुर की एक युवती का नाम सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां पुराने मामलों और संदिग्ध संपर्कों की दोबारा पड़ताल कर रही हैं।

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में बहराइच के छह आरोपी गिरफ्तार

अक्टूबर 2024 में मुंबई में बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में बहराइच के कैसरगंज क्षेत्र के गंडारा गांव के अनुराग कश्यप और शिव गौतम समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपी मुंबई की जेल में बंद हैं।

इस मामले की जांच के दौरान मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें कई महीनों तक गंडारा गांव में पड़ताल करती रहीं। इसी दौरान अनुराग का रिश्तेदार हरीश कश्यप भी मुंबई में पकड़ा गया था। वहीं, शिव गौतम को नेपाल में छिपे होने के बाद नानपारा के एक होटल से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उसे नेपाल में पनाह लेने के बाद सीमा क्षेत्र से पकड़े जाने की बात भी सामने आई थी।

गंडारा चौकी प्रभारी पंकज सिंह ने बताया कि बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में गांव के छह आरोपी गिरफ्तार किए गए थे और वे मुंबई की जेल में बंद हैं।

कारोबारी और सपा प्रवक्ता को भी मिली थी धमकी

बहराइच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर धमकी देने के मामले भी सामने आ चुके हैं। बीते महीनों में जिले के सराफा कारोबारी चंद्र मोहन सोनी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद तारिक को धमकियां मिली थीं। दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

इन घटनाओं में जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि धमकी देने वाले स्थानीय लोग थे या उनका किसी कथित स्लीपर सेल से संबंध था। हालांकि, इन दोनों मामलों के आरोपियों और बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में गिरफ्तार लोगों के बीच सीधे संबंध की अब तक पुष्टि नहीं हुई है। दोनों मामलों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आने के बावजूद किसी साझा नेटवर्क की पुष्टि नहीं हुई है।

रोजगार की तलाश में बाहर जाते हैं युवा

घाघरा नदी के किनारे बसे गांवों से बड़ी संख्या में युवा रोजी-रोटी कमाने के लिए दिल्ली, पंजाब और मुंबई जैसे शहरों में जाते हैं। इनमें कई परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और मजदूरी करके अपना गुजारा करते हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच इस आशंका के आधार पर भी की जा रही है कि दूसरे शहरों में ऐसे युवाओं से संपर्क कर उन्हें पैसों का लालच दिया जाता है। अपराध की दुनिया में नाम कमाने का प्रलोभन देकर उन्हें गैंग के लिए काम करने वाले स्लीपर सेल के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।

फिलहाल, जांच एजेंसियां पुराने मामलों और संदिग्ध संपर्कों को खंगाल रही हैं। हालांकि, बहराइच के युवाओं को संगठित तरीके से गैंग में भर्ती करने वाले किसी नेटवर्क की पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

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