उमेश पाल हत्याकांड: अतीक के बहनोई, वकील समेत 4 आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
Prayagraj News: उमेश पाल हत्याकांड मामले में आरोपी बनाए गए चार प्रमुख लोगों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद अतीक अहमद के बहनोई अखलाक अहमद, अतीक के वकील विजय मिश्रा, ड्राइवर मोहम्मद कैश और नौकर नियाज की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है।
इन चारों आरोपियों पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाने के आरोप हैं। हत्याकांड के बाद कुख्यात शूटर गुड्डू मुस्लिम और अतीक के बेटे असद अखलाक के मेरठ स्थित घर पर ठहरे थे। अतीक के वकील विजय मिश्रा पर आरोप है कि उन्हें उमेश पाल की हत्या की योजना की जानकारी पहले से थी। पुलिस ने उनका नाम बाद में केस में जोड़ा था। अतीक के ड्राइवर मोहम्मद कैश और नौकर नियाज़ पर भी साजिश और मदद का आरोप है। बचाव पक्ष के वकीलों ने जमानत के लिए कई दलीलें पेश कीं, लेकिन कोर्ट ने उन्हें खारिज करते हुए चारों को जेल में ही रखने का फैसला सुनाया।
क्या है उमेश पाल हत्याकांड
आपको बता दें कि 24 फरवरी, 2023 को वकील उमेश पाल और उनके दो पुलिस सुरक्षाकर्मियों पर उनके आवास के पास गोलियों और बमों से जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में पाल की पत्नी जया पाल ने धूमनगंज थाने में FIR दर्ज कराई थी।
अतीक के परिवार पर गैंगस्टर एक्ट
इससे पहले, अक्टूबर में धूमनगंज पुलिस ने अतीक अहमद के बेटों मोहम्मद उमर, अली अहमद और उनकी पत्नी शाइस्ता परवीन समेत कई अन्य के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था। उमर और अली पर उमेश पाल और उनके गनरों की हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
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