Ballia News: प्रोटोकॉल विवाद पर भड़के सपा सांसद, बोले- मन करता है मंत्री को मंच से उठाकर फेंक दूं
Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया में रेलवे के एक कार्यक्रम को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है। फेफना रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न बनाए जाने से समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडेय का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने न केवल प्रदेश सरकार के मंत्री को खुले मंच से धमकी दी, बल्कि अधिकारियों को भी ‘जूता मारने’ तक की बात कह डाली।
सांसद सनातन पांडेय अपनी उपेक्षा से इतने नाराज थे कि उन्होंने एक निजी कार्यक्रम में विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा, मैं उम्र में बूढ़ा जरूर हूँ, लेकिन मन का बूढ़ा नहीं हूँ। मेरा मन करता है कि जाकर मंत्री (दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’) को मंच से उठाकर नीचे फेंक दूँ। उनका तर्क है कि केंद्र सरकार की किसी भी परियोजना या कार्यक्रम में प्रोटोकॉल के तहत स्थानीय लोकसभा सांसद ही मुख्य अतिथि होता है, चाहे वह सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का। लेकिन प्रशासन ने उनकी अनदेखी कर यूपी सरकार के आयुष मंत्री को मुख्य अतिथि बना दिया।
अधिकारियों को भी दो-टूक
सांसद का गुस्सा यहीं नहीं थमा, उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी जनता का काम नहीं करेगा, वह जूता खाएगा। उन्होंने गोरखपुर रेलवे के महाप्रबंधक (GM) को भी फोन कर चुनौती दी और पूछा कि किस नियम के तहत किसी मंत्री को सांसद से ऊपर मुख्य अतिथि बनाया गया। उन्होंने साफ कहा, मुकदमा करना है तो कर दो, मैं झेलने को तैयार हूँ।
दरअसल, बलिया के फेफना स्टेशन पर उत्सर्ग एक्सप्रेस और गोंदिया एक्सप्रेस के ठहराव (Stoppage) की मंजूरी मिली थी। इन ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने के लिए रेलवे ने प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ को आमंत्रित किया था। सपा सांसद का दावा है कि इन ट्रेनों के ठहराव के लिए उन्होंने और उनकी पार्टी ने लंबा आंदोलन किया था, लेकिन श्रेय लेने के लिए सरकार ने उन्हें किनारे कर दिया।
बीजेपी सांसद नीरज शेखर ने दी सफाई
इस पूरे विवाद पर भाजपा के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, रेलवे का कोई बड़ा प्रोजेक्ट आता है तो उसमें मुख्य अतिथि लोकसभा सांसद ही होते हैं, लेकिन यह सिर्फ ट्रेनों का ठहराव था। रेल मंत्री की तरफ से आयुष मंत्री को पत्र गया था, इसलिए उन्हें बुलाया गया। संयोग से, मुख्यमंत्री की बैठक के कारण मंत्री दयाशंकर मिश्र कार्यक्रम में नहीं पहुँच सके और अंत में नीरज शेखर ने ही मुख्य अतिथि के तौर पर ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई।
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